कैराना। शामली पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो गाड़ियों से अवैध हथियारों का जखीरा बरामद किया है। इस दौरान छह बदमाश मौके से पुलिस पर फायरिंग करते हुए फरार हो गए, जबकि एक बदमाश को गिरफ्तार कर लिया गया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने तीन जगह तमंचा फैक्ट्री भी पकड़ी हैं। विधानसभा चुनाव को डिस्टर्ब करने के लिए के लिए इन हथियारों की सप्लाई की जा रही थी।
कोतवाली में आयोजित प्रेस वार्ता में एसपी डॉ. अजय पाल शर्मा ने बताया कि बृहस्पतिवार शाम मुखबिर की सूचना पर उनके नेतृत्व में सीओ भूषण वर्मा, कोतवाली प्रभारी उमेश रोरिया ने पुलिस बल के साथ खुरगान रोड पर दबिश दी। इस दौरान गंदराउ मोड़ पर तेज गति से आ रही दो कारों को रुकने का इशारा किया गया तो कार सवार बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। छह बदमाश कार से कूद कर जंगल के रास्ते फरार हो गए। पुलिस ने मौके से मोती राम निवासी मोहल्ला बीचकलां कस्बा डेरवा थाना जेठवाड़ जिला प्रतापगढ़ को गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी लेने पर पुलिस को दोनों कारों में से 123 मस्कट (अद्धा बंदूक) और 80 तमंचे 315 बोर के बरामद हुए। पुलिस के अनुसार तस्कर विधानसभा चुनाव को डिस्टर्ब करने के लिए हथियार बेचने जा रहे थे। आरोपी मोतीराम की निशानदेही पर पुलिस ने गांव खुरगान के नयां गांव स्थित फुरकान उर्फ कुरबान, गय्यूर के मकान पर छापा मारा।
जहां से पुलिस ने तमंचे बनाने के उपकरण, 500 तमंचे बनाने का कच्चा माल बरामद किया। इसके अलावा फुरकान के खेत में बने दो कोठों से भी तमंचे बनाने के उपकरण बरामद किए गए। इसके बाद गांव दभेड़ी खुर्द में सरवर के मकान पर दबिश दी गई। यहां से भी पुलिस ने तमंचे बनाने का सामान बरामद किया।
पकड़े गए हथियारों की कीमत एक करोड़ से अधिक
एसपी ने बताया कि पूरे आपरेशन के दौरान पकड़े गए माल की कीमत करीब एक करोड़ रुपये है। हथियार तस्कर तमंचे को पांच से आठ हजार और मस्कट को 10 से 15 हजार रुपये के बीच बेचते थे। यूपी में विधानसभा चुनावसिर पर है। पकड़े गए 203 तमंचों, मस्कट से विधानसभा चुनाव में खून खराबा हो सकता था। यह यूपी में पकड़ी गई हथियारों की सबसे बड़ी खेप है।
पुलिस टीम को पंद्रह हजार रुपये का ईनाम
एसपी डॉ. अजयपाल शर्मा के नेतृत्व में शामली पुलिस की इस कार्रवाई से सूबे में एक बार शामली पुलिस का नाम हुआ है। इसी से उत्साहित डीआईजी सहारनपुर के द्वारा शामली पुलिस की इस टीम को 15 हजार रुपये का ईनाम देने की घोषणा की है।
नोटबंदी के कारण नहीं बिक पा रहे थे हथियार
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मोतीराम ने पूछताछ में बताया कि दो माह से नोटबंदी के चलते हथियार नहीं बिक पा रहे थे, जबकि हथियार बनाने का काम जारी था। अब विधानसभा चुनाव के कारण दो माह से बने सारे हथियार बिक जाते, लेकिन पुलिस ने हथियार पकड़ लिए।
बदमाशों पर की जाएगी रासुका के तहत कार्रवाई
एसपी ने बताया कि पुलिस पार्टी पर फायर करके मौके से फरार हुए फुरकान उर्फ कुरबान, आलिम व गय्यूर निवासीगण खुरगान व सरवर पुत्र कामिल, सरवर पुत्र हमीद निवासी दभेड़ी खुर्द व खुर्शीद पता अज्ञात मौके से फरार हो गए थे। जिनकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। सभी तस्करों पर रासुका लगाई जाएगी।