शामली/झिंझाना। अब तक झिंझाना क्षेत्र में जहरीली शराब पीने से छह लोगों की मौत हो चुकी है। जहरीली शराब के कहर से कमालपुर और झिंझाना में दहशत का आलम है। उधर, हरिनगर बिड़ौली में बुधवार की रात शराब पीने से दो ग्रामीणों की तबियत खराब हो गई। दोनों को अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है। शासन के निर्देश पर अधिकारियों ने शराब माफिया के खिलाफ छापेमारी अभियान तेज कर दी है।
बुधवार को पहले मामला प्रकाश में आया कि जहरीली शराब से पांच लोगों की मौत हुई है। बृहस्पतिवार को ग्रामीणों ने बताया कि 21 अगस्त को एक और की मौत जहरीली शराब पीने के कारण ही हुई थीं। इन दोनों की मौत के बारे में किसी को जानकारी नहीं हो पाई थी। क्योंकि परिजनों ने किसी को दोनों के मरने की सूचना नहीं दी।
दरअसल, गांव कमालपुर में 20 अगस्त को संजय की मौत हुई, जबकि 21 अगस्त को जोगा सिंह और इंद्रपाल तथा 22 अगस्त को राजकुमार तथा धर्मपाल की मौत हुई। शराब से इन पांच लोगों की मौत होने पर लखनऊ तक मामला गूंज गया था। वहीं, बृहस्पतिवार को यह बात भी प्रकाश में आई है कि 21 अगस्त को झिंझाना कस्बा में रहने वाला 25 वर्षीय युवक की मौत भी शराब पीने के कारण हो गई थी। उसकी मौत के मामले में परिवार वाले चुप्पी साध गए थे। इस लिहाज से झिंझाना क्षेत्र में अवैध शराब से मरने वालों की संख्या छह हो गई है। यदि 21 अगस्त को ही इस मामले पर भी कार्रवाई हो जाती, तो शायद आगे हुई घटनाओं को रोका जा सकता था। इसके अलावा गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है।
छह माह में बदले तीन एसओ
झिंझाना। थाना झिंझाना में नियुक्त थाना प्रभारी संदीप बालियान को एसपी देवरंजन वर्मा ने क्षेत्र में अपराधों पर नियंत्रण नहीं करने व नशीले पदार्थों की बिक्री पर अंकुश नहीं लगाने पर 11 अप्रैल को लाइन हाजिर किया था। उसके बाद थाना झिंझाना की कमान एमएसगिल को सौंपी गई, लेकिन गिल भी मात्र तीन महीने ही थाने का चार्ज चला पाए थे और उनको भी यहां से लाइन में जाना पड़ा। करीब 27 दिन पूर्व राजकुमार शर्मा को थानाध्यक्ष झिंझाना बनाया गया था, लेकिन राजकुमार शर्मा 28 दिन ही थाने का चार्ज चला पाये है। क्षेत्र में अवैध और जहरीली शराब के मामले में उनको भी एसपी शामली ने लाइन हाजिर कर दिया गया।
हरिनगर बिड़ौली में कोहराम
शामली। कमालपुर के बाद अब हरिनगर बिड़ौली में शराब पीने से दो लोगों की हालत बिगड़ गई। परिजनों ने दोनों को प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया है। वहीं, परिजनों के मुताबिक एक युवक की आंख की रोशनी चली गई। जहरीली शराब पीने से कमालपुर गांव में अब तक पांच लोगों की मौत होने से शासन की सख्ती के बाद प्रशासनिक महकमा भी सक्रिय हो गया है। गांवों में कच्ची शराब बेचने वालों के विरुद्ध भी कार्रवाई जारी है। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस प्रशासन पहले से सक्रिय होता तो गांवों में अवैध रूप से कच्ची शराब का कारोबार नहीं पनपता।
झिंझाना क्षेत्र के गांव कमालपुर में जहरीली शराब पीने से तीन दिन में पांच लोगों की मौत का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि अब हरिनगर बिड़ौली में शराब पीने से दो लोगों की तबीयत और बिगड़ गई। बृहस्पतिवार को गांव हरिनगर बिड़ौली निवासी मोहर सिंह (51) पुत्र गेंदा की हालत खराब हो गई। परिजनों के अनुसार तबीयत खराब होने के बाद उसकी आंख की रोशनी चली गई।
आननफानन में उसको बिड़ौली में स्वास्थ्य कैंप में ले जाया गया, जहां से उसको शामली रेफर कर दिया। शामली से उसको मेरठ रेफर किया गया, लेकिन परिजन उसको करनाल स्थित अस्पताल में ले गए। इसके अलावा हरिनगर बिड़ौली निवासी बिबला की शराब पीने से हालत भी खराब हो गई, परिजन उसे निजी अस्पताल में ले गए। ग्रामीणों के अनुसार दोनों ने ही शराब पी थी।
इसके बाद एसडीएम ऊन कृष्णपाल तोमर तथा अन्य अधिकारियों ने अस्पताल में पहुंचकर दोनों के बारे में जानकारी ली। उधर, सीएमओ ने बताया कि टीम ने गांव में पहुंचकर दोनों के बारे में जानकारी हासिल की। बताया कि मोहर सिंह और बिबला ने बुधवार रात शराब पी थी। सुबह होने पर उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई।
मोहर सिंह की आंख की रोशनी चली गई है। परिजन उसे करनाल स्थित अस्पताल ले गए हैं। वहीं, बुधवार को करनाल अस्पताल में भर्ती कराए गए मोरध्वज और चंद्रपाल की हालत में सुधार है। हालत में सुधार होने के कारण मेरठ अस्पताल में भर्ती नौ मरीजों को छुट्टी देकर घर भेज दिया गया है।