शामली। स्टील फैक्ट्री (फर्नेस) संचालक से थानाभवन क्षेत्र में लूट की प्लानिंग उनके ड्राइवर असलम ने ही रची। फुल प्रूफ प्लान के साथ वारदात की गई, लेकिन पूछताछ में ड्राइवर टूट गया। इसके बाद पुलिस ने लूटपाट को अंजाम देने वाले ड्राइवर के साथियों को दबोच लिया और लूटी गई रकम भी बरामद कर ली।
मंगलवार को मुजफ्फरनगर के मोहल्ला कृष्णापुरी निवासी विपलव जैन अपने कार चालक असलम निवासी ग्राम सुजडू (मुजफ्फरनगर) के साथ थानाभवन में लोहा व्यापारियों के यहां से उधारी का कलेक्शन करने आए थे।
यहां से वसूली करके जब वह मुजफ्फरनगर लौट रहे थे, तो ख्यावड़ी गांव के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने ड्राइवर असलम से पहिये में पंक्चर बताकर कार रुकवा ली थी। इसके बाद हथियारों से आतंकित करके कार में रखे 6.50 लाख रुपये और कार की चाबी लूटकर फरार हो गए थे। विपलव जैन ने थानाभवन में लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसपी डॉक्टर अजयपाल शर्मा ने बताया कि छानबीन के लिए टीमें लगाई गईं और उद्यमी के कार चालक असलम से गहनता से पूछताछ की गई। असलम अपने ही बयानों में घिरता गया और फिर सच्चाई उगल दी। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले असलम के साथी नईम पुत्र नजरुद्दीन निवासी यामीन कॉलोनी, फरमान पुत्र अयूब निवासी हुसैनिया कॉलोनी सिविल लाइन (मुजफ्फरनगर) को मंगलवार शाम ही गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से लूटी गई रकम में से 6.39 लाख रुपये बरामद कर लिए।
साथ ही आरोपियों की निशानदेही पर कादरगढ़ चौकी क्षेत्र से लूटपाट में प्रयुक्त 315 बोर का तमंचा, कारतूस और चाकू बरामद किया। बुधवार दोपहर तीनों आरोपी असलम, नईम और फरमान को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
थानाभवन से खरीदी गई रस्सी
वारदात को अंजाम देने से पूर्व थानाभवन कस्बा में ड्राइवर असलम ने एक रस्सी खरीदी। कैश कलेक्शन के लिए आए असलम को रस्सी का कोई काम नहीं था। इसके बावजूद रस्सी खरीदने की जानकारी होने पर पुलिस भी हैरान हो गई कि आखिर असलम ने रस्सी क्यों खरीदी। इसके बाद पुलिस ने उक्त दुकानदार से बातचीत की, तो उसने भी पुलिस को बताया कि असलम ही रस्सी खरीदने आया था। वहीं, से असलम पर गहराता शक पुख्ता हो गया था कि वारदात में असलम का हाथ शामिल है।