शामली। वेस्ट यूपी में रंजिशन घटनाओं को देख पंचायत चुनाव के दौरान शामली, बागपत और मुजफ्फरनगर जिलों मेें घटनाएं होने की आशंका है। आईजी जोन आलोक शर्मा ने कहा संवेदनशील और अति संवेदनशील गांवों में ऐसे लोगों को चिन्हित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जो चुनाव में गड़बड़ी कर सकते हैं। यदि कोई व्यक्ति सांप्रदायिक माहौल बनाने की कोशिश करेगा, तो उसके खिलाफ रासुका में कार्रवाई होगी। वहीं, जरूरत पड़ने पर प्रत्याशियों को सुरक्षा मुहैया कराई जाएगी।
बृहस्पतिवार को आईजी जोन आलोक शर्मा और डीआईजी (सहारनपुर रेंज) अशोक कुमार राघव शामली में पंचायत चुनाव के संबंध में समीक्षा बैठक करने पहुंचे। यहां पत्रकारों से बातचीत में आईजी आलोक शर्मा ने माना वेस्ट यूपी के कई जिलों में पंचायत चुनाव के दौरान घटनाएं होने की आशंका है। इस कारण अधिकारियों को आदेश दिया कि समय रहते मुचलका पाबंद, शरारती तत्वों की सूची बनाने जैसी ऐहतियातन कार्रवाई पूरी कर ली जाए।
आईजी जोन आलोक शर्मा ने कहा पंचायत चुनाव शांतिपूर्ण कराना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। गांवों में छोटे छोटे विवादों को भी पुलिस गंभीरता से लें। थानाध्यक्ष अपने अपने क्षेत्र में ज्यादा से ज्यादा भ्रमणशील रहे। साथ ही उन्होंने बताया जिला पंचायत चुनाव की तरह ही ग्राम पंचायत चुनाव में पुलिस बल तैनात रहेगा। पैरा मिलिट्री फोर्स नहीं मिलेगी, लेकिन पीएसी, होमगार्ड और आरआरएफ पर्याप्त संख्या में उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान एसपी (शामली) विजय भूषण, एएसपी वीके मिश्र समेत सभी सीओ और थानाध्यक्ष भी मौजूद रहे।
आईजी आलोक शर्मा ने कहा पंचायत चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो चुके हैं। 28 नवंबर को पहले चरण का मतदान होना है। लिहाजा अब पुलिस के पास निरोधात्मक कार्रवाई के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है। उन्होंने कहा तीन से चार दिन में कार्रवाई पूरी करें। इस कार्य के लिए एसडीएम और सीओ एक साथ बैठकर कार्रवाई कराएं।
पंचायत चुनाव में मतदान के दौरान एजेंटों द्वारा विवाद की स्थिति पैदा होती है। आईजी जोन ने कहा पहले से एजेंटों की सूची बना लें और उन्हें चेतावनी दी जाए कि यदि विवाद किया, तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।