कैराना। कोतवाली क्षेत्र के सहपत में जंगल गई किशोरी का शव यमुना किनारे पड़ा मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मौके पहुंची पुलिस ने पंचनामा भरकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक किशोरी के पिता ने गांव की एक महिला सहित पांच लोगों के विरुद्ध रविवार को ही अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने दंपति को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है।
रविवार सुबह दस बजे लहरी की पुत्री कुसुम (16) चारा काटने के लिए जंगल गई थी। बताया जाता है कि गांव के बाहर ही कुसुम खेत जा रहे रणबीर और उसकी पत्नी कमलेश की भैंसा बुग्गी पर बैठ गई। उसके बाद पूरे दिन कुसुम का पता नहीं चला। लहरी ने कोतवाली में कमलेश तथा उसके पुत्र विकास, रोहताश, टेकराम व नकली निवासी सहपत के विरुद्ध अपहरण की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था। जिसके बाद पुलिस कुसुम की तलाश करते रहे, लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
सोमवार को ग्रामीण यमुना घाट के पास पहुंचे, तो वहां पर कुसुम की चप्पल और दरांती पड़ी मिली। ग्रामीणों ने यमुना में कुसुम की तलाश की, तो कुछ ही देर में उसका शव नहर से बरामद हो गया। शव पर कोई चोट का निशान मौजूद नहीं था।
पुलिस ने बुग्गी चालक रणबीर और उसकी पत्नी कमलेश को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ कोतवाली में जमा हो गई। एक बार तो कुसुम के परिजन व ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम कराने से इंकार करने लगे, लेकिन बाद में पुलिस द्वारा समझाने पर परिजन मान गए। पूछताछ के लिए हिरासत में ली गई कमलेश ने बताया कि जंगल में पहुंचकर कुसुम उनकी बुग्गी से उतर कर बैठ गई थी। जिसके बाद उसका पता नहीं चला।
उधर, कोतवाली प्रभारी एपी भारद्वाज ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।