शामली/थानाभवन/कांधला। एससी-एसटी एक्ट को पूर्व की भांति प्रभावी बनाने की मांग को लेकर दलित समाज के लोगों ने कस्बा थानाभवन में दिल्ली सहारनपुर मार्ग पर प्रदर्शन किया। इस दौरान जाम लगने पर पुलिस ने प्रदर्शन करने वालों पर लाठियां भांजकर खदेड़ दिया।
भारतीय मूल निवासी संगठन के बैनर तले सोमवार सुबह आंबेडकर मार्केट में दलित समाज के लोग इकट्ठा हुए। इसके बाद प्रदर्शन करते हुए सहारनपुर-दिल्ली मार्ग पर चरथावल बस स्टैंड पर पहुंचे और ट्रैफिक जाम कर प्रदर्शन करने लगे। जैसे ही प्रदर्शनकारियों ने ट्रैफिक जाम किया, तो मौके पर मौजूद पुलिस ने जाम खुलवाने का प्रयास किया। हंगामा करने वाले युवकों को पुलिस ने खदेड़ दिया। प्रदर्शन करने वालों में शुभम देव, आकाश कुमार, सोनू, प्रविंदर, गौतम, राहुल, संदीप, रजत, राकेश कुमार, सौरभ, विक्की, राजू शेरवाल, संदीप मैनवाल आदि मौजूद रहे।
वहीं, कांधला में भारत बंद के आह्वान का कांधला और झिंझाना में कोई असर दिखाई नहीं दिया। सोमवार को पूर्व निर्धारित आंदोलन को लेकर पुलिस प्रशासन सतर्क था। कांधला में सार्वजनिक स्थलों, स्कूल कॉलेजों और मुख्य मार्ग पुलिस व पीएसी तैनात रही। लेकिन इस दौरान किसी प्रकार का प्रदर्शन नहीं हुआ। वहीं, झिंझाना में भी कोई प्रदर्शन नहीं हुआ।
उधर, शामली में जिला बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन सोमवार को अपर जिलाधिकारी केबी सिंह को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि गत 21 मार्च को आया सुप्रीम कोर्ट का आदेश अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोगों के अधिकारों पर कुठाराघात है। यदि इस आदेश का क्रियान्वयन रहा, तो एससी एसटी के लोगों का उत्पीड़न होगा, जो संवैधानिक रूप से अनुचित होगा। उनकी मांग है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को निरस्त किया जाए। इस दौरान एडवोकेट सतीश चौहान, जगदेव सिंह, नीलकमल, अजय कुमार आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
वहीं, भारतीय मूलनिवासी संगठन के जिलाध्यक्ष सतवीर ने संगठन के पदाधिकारियों के साथ अपर जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। उधर, महर्षि वाल्मीकि जनकल्याण समिति के पदाधिकारी घनश्याम पारचा, मनीष गहलौत, प्रवीण कुमार, अश्वनी, राजकुमार, सचिन, राजन, बब्लू, राजेंद्र, विजय, रामचंद्र आदि ने भी प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा।