शामली। सांप्रदायिक बवाल के मामले में कोर्ट द्वारा जेल भेजे गए सपा नेता नफीस राणा की जमानत मंजूर हो गई है। उनके अधिवक्ता ने तर्क दिया कि जिस मामले में नफीस को जेल भेजा गया है, उसमें शामिल अन्य आरोपियों की जमानत मंजूर हो चुकी है।
सितंबर 2013 में मोहल्ला नंदूप्रसाद में दो समुदाय के लोगों के बीच टकराव हो गया था। जिसमें एक पक्ष के घरों में आगजनी और पथराव हुआ था। इस मामले में सपा नेता एवं मुलायम सिंह यूथ बिग्रेड के जिलाध्यक्ष नफीस राणा सहित 25 लोगों को आरोपी बनाया गया था।
कोर्ट ने एसआईटी द्वारा दिए गए तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर गत 22 जनवरी को नफीस राणा के गैर जमानती वारंट जारी कर दिए। इसके चलते शामली कोतवाली पुलिस भी नफीस राणा की गिरफ्तारी के प्रयास में लगी थी, लेकिन कामयाबी नहीं मिली।
शुक्रवार को नफीस मुजफ्फरनगर कोर्ट में पेश हो गया। जहां से उन्हें कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शनिवार को नफीस राणा के अधिवक्ता ने उसकी जमानत के अर्जी डाली।
जिसमें अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि इस मामले में नफीस के साथ 25 ओर आरोपी बनाए गए थे, उनकी जमानत कोर्ट ने मंजूर कर ली है। जिस कारण नफीस राणा को भी जमानत मिलनी चाहिए। इसके बाद अपर न्यायाधीश प्रथम ने नफीस राणा की जमानत मंजूर कर ली।