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मदरसा प्रबंधक हत्याकांड: तीन शिक्षकों को उम्रकैद, ईंटों से कुचलकर किया था कत्ल, बोरे में बंद कर फेंकी थी लाश

Mon, 12 Feb 2024 07:19 PM IST
कपिल kapil संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

Shamli Murder Case : मदरसा प्रबंधक की हत्या के मामले में तीन शिक्षकों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। हत्यारोपियों ने ईंटों से कुचलकर हत्या की थी और लाश को बोरे में बंद कर फेंक दिया था।
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अदालत। सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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2020 में रुपयों के लालच में मवी के मदरसा प्रबंधक की हत्या करने के मामले में दोष सिद्ध पाए जाने पर न्यायाधीश अनिल कुमार ने मदरसे के ही तीन शिक्षकों को आजीवन कठोर कारावास व एक लाख 85 हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड अदा नहीं करने पर छाह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अर्थदंड की आधी धनराशि मृतक के माता पिता को दी जाएगी।

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बता दें कि अब्दुल्ला निवासी मदरसा गांव मवी, तौसीफ निवासी खुजनावर थाना फतेहपुर सहारनपुर व वाजिद निवासी मोहल्ला खैलकला कैराना को सजा सुनाई गई है।

जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) संजय चौहान व सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता अशोक कुमार पुंडीर ने बताया कि 21 अप्रैल 2020 को मवी के मदरसे के शिक्षक अब्दुल्ला ने तहरीर दी थी कि 16 अप्रैल की सुबह साढ़े सात बजे मदरसे के प्रबंधक मुफ्ती सुफियान निवासी नूरबस्ती, बेहट अड्डा, सहारनपुर बाइक द्वारा मदरसे पर यह कह कर गए थे कि कैराना से खाने पीने का राशन लेने जा रहा हूं। जिसके बाद से उनका कोई पता नहीं है।

वहीं, 23 अप्रैल को मदरसा प्रबंधक के पिता हबीबुर्रहमान के द्वारा अब्दुल्ला व तौसीफ के विरुद्ध तहरीर दी गई थी कि मदरसे के चंदे का बहुत रुपया था, जिसको लूटने के उद्देश्य से उसके बेटे की हत्या कर दी और शव को खुर्द बुर्द कर दिया। पुलिस ने तीनों मुजरिमों को गिरफ्तार करके उनकी निशानदेही पर यमुना नदी से शव को बरामद कर लिया था। मुजरिमों ने ईंटों से हत्या करने के बाद शव को जलाकर बोरे में बंद करके यमुना में बहा दिया था।

बताया गया कि शव का डीएनए मृतक के पिता के डीएनए से मेल खाया था। मुजरिमों के पास से मदरसे से लूटी गई 90 हजार की विदेशी मुद्रा व 50 हजार की भारतीय मुद्रा बरामद हुई थी। मृतक की बाइक व हत्या में प्रयुक्त ईंटें भी पुलिस ने बरामद कर ली थीं।

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वहीं, सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह पेश किए गए। सोमवार को दोनों पक्षों की दलील सुनने व पत्रावलियों का अवलोकन करने के बाद जनपद न्यायाधीश अनिल कुमार ने मदरसे के ही तीन शिक्षकों अब्दुल्ला, तौसीफ और वाजिद को आजीवन कठोर कारावास व एक लाख 85 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।

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