कांधला। अभिभावकों के दूसरे स्कूल में प्रवेश करा देने से रुष्ट सातवीं का छात्र लापता हो गया और कुछ घंटे बाद खुद ही लौट आया। परिजनों और पुलिस को बालक ने अपहरण की कहानी बताई, लेकिन पुलिस जांच में पूरा केस खुल गया। बहरहाल बच्चे के सकुशल मिलने पर परिजनों और पुलिस ने राहत की सांस ली।
मोहल्ला शेखजादगान निवासी शशांक मित्तल कस्बे के रेलवे रोड स्थित अपने घर के बाहर दुकान करता है। उसका 10 वर्षीय बेटा विभु शामली के एक निजी स्कूल में कक्षा सात का छात्र है। शशांक के अनुसार सुबह करीब छह बजे विभु घर के सामने मंदिर में पूजा करने के लिए गया था, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटा। कुछ ही देर में छात्र के अपहरण शोर मच गया और सूचना पर पुलिस में हड़कंप मच गया।
थाना प्रभारी नरेश कुमार चौहान ने परिजनों से वार्ता की, इसी बीच बाग ठेकेदार हाजी अरशद विभु को लेकर घर पहुंचा। छात्र ने बताया कि जब वह मंदिर में पूजा करने के लिए जा रहा था तो नकाबपोश दो युवकों ने उसके मुंह पर कपड़ा लगा दिया और उसको उठाकर अपने साथ ले गए। जब उसकी आंखें खुलीं तो वह बाग में पड़ा हुआ था। पुलिस ने पूछताछ की तो बालक ने वही कहानी दोहराई। पुलिस ने आसपास के प्रतिष्ठानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखीं तो बालक बताई कहानी झूठी निकली।
थाना प्रभारी ने बताया कि उसके पिता ने उसका प्रवेश दूसरे स्कूल में करा दिया है और वह उसमें जाना नहीं चाहता। इससे बचने के लिए ही उसने अपहरण का ड्रामा रचा। बालक को परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है। परिजनों ने भी बालक के आने पर राहत की सांस ली।