शामली के कैराना में 15 दिन के अंदर आधा दर्जन व्यापारियों से रंगदारी मांगे जाने के मामले में व्यापारियों में उबाल आ गया है। रविवार को पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारियों ने कस्बे की कटेहरा धर्मशाला में बैठक आयोजित की, जिसमें तीन दिन के अंदर बदमाशों की गिरफ्तारी नहीं होने पर प्रदेश बंद कराने की चेतावनी दी गई है।
एक सितंबर को परचून व्यापारी सचिन और 5 सितंबर को डा. दानिश को रंगदारी की धमकी मिलने के बाद पुलिस मामले में कुछ नहीं कर पायी थी। जिसके बाद 16 सितंबर को एक साथ रंगदारी के चार मामले आने पर व्यापारियों में डर के साथ ही पुलिस प्रशासन के प्रति रोष भी बना हुआ है। जिसके चलते रविवार दोपहर तीन बजे कटहेरा धर्मशाला में कस्बे के सैकड़ों व्यापारियों की मीटिंग का आयोजन किया गया। प. उप्र उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग ने कहा कि पलयान मामले का हल नहीं हो सकता।
व्यापारियों को एक जुट होकर पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाना होगा। जिससे व्यापारियों में सुरक्षा की भावना वापस आये तथा अपराधियों को जेल भेजा जाये। उन्होंने बताया कि उनकी कैराना रंगदारी मामले पर आईजी से बात हुई है। आईजी ने तीन दिन के अंदर बदमाशों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। अगर तीन दिन के अंदर बदमाश गिरफ्तार नहीं होते तो शामली जिले के साथ ही पुरा प्रदेश भी बंद कराया जायेगा। व्यापारी ही सरकार को सबसे ज्यादा टैक्स देता है और अगर व्यापारी ही यहां से पलायन कर गये तो कैराना के साथ ही सरकार भी बदनाम होगी।
उन्होंने केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ से कैराना रंगदारी मामले पर मिलने का समय लिया है। दो साल पहले कैराना में रंगदारी के चलते तीन व्यापारियों की हत्याओं के बाद पुलिस प्रशासन ने पीड़ित व्यापारियों को शस्त्र लाइसेंस दिलाने का वायदा किया था, लेकिन अधिकतर व्यापारियों के शस्त्र लाइसेंस आज तक नहीं बने है। कैराना के लोग निर्भीक होकर रामलीला व दशहरा मनाये। इस दौरान कुछ व्यापारियों ने एसपी पवन कुमार को पुन शामली जनपद मे वापस बुलाये जाने की बात कही।
बाद मे पुलिस अधीक्षक भूषण वर्मा व्यापारियों के बीच पहुंचे तथा आश्वासन दिया कि पुलिस पूरी जिम्मेदारी के साथ बदमाशों की हर गतिविधियों पर नजर रखते हुए उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। साथ ही हर व्यापारी की सुरक्षा की जाएगी। इस अवसर पर व्यापार मंडल के कैराना अध्यक्ष संजय सिंह राजपूत, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल गुप्ता, वरुण सिंघल, शगुन मित्तल, घनश्याम, राकेश वर्मा, संजु, रामोतार, रमेश चन्द वर्मा, विनोद कुमार, रामकुमार सिंघल, परवीन कुमार आदि मौजूद रहे।