थानाभवन। नगर पंचायत की भूमि पर अतिक्रमण करने वालों को चिह्नित करने का अभियान शुरू हो गया है। मसावी पट्टी में अवैध रूप से भवनों का निर्माण करने वाले 50 लोगों को भी नगर पंचायत की तरफ नोटिस भेजे गए हैं।
नगर पंचायत थानाभवन के अधिशासी अधिकारी रवि यादव ने बताया कस्बे की चौधरान पट्टी, नौगावा पट्टी, मसावी पट्टी, कालरू पट्टी में नगर पंचायत की खाली पड़ी भूमि पर लोगों ने अवैध कब्जे कर निर्माण करा लिया। कुछ ने तो नगर पंचायत में दाखिल खारिज भी करा लिया है।
इसी के चलते नगर पंचायत अभिलेखों के अनुसार खाली भूमि को चिह्नित किया जा रहा है। नाले की पटरी, कृष्णा नदी के आसपास बड़ी संख्या में लोगों ने अवैध कब्जे किए हुए हैं तथा सरकारी भूमि की खरीद- फरोख्त भी की गई है। नगर पंचायत ने अकेले मसावी पट्टी 50 से ज्यादा लोगों को नोटिस जारी कर दिया है। बताया अवैध कब्जे हटवाने का अभियान जल्द चलाया जाएगा।
एसडीएम ने छापामारी कर पकड़ा अवैध रेत खनन
झिंझाना। यमुना नदी से हो रहे अवैध रेत खनन के खिलाफ एसडीएम ऊन ने छापामार कार्रवाई की। रेत से लदी छह ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी गईं और एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
बृहस्पतिवार रात एसडीएम ऊन दुष्यंत कुमार मौर्य ने झिंझाना के गांव चौतरा में यमुना नदी से हो रहे अवैध रेत खनन को लेकर छापा मारा। पुलिस टीम को देखकर खनन माफिया में भगदड़ मच गई। एसडीएम दुष्यंत मौर्य ने बताया कि चौतरा स्थित यमुना नदी किनारे से छह ट्रैक्टर ट्रॉली पकड़ी र्गइं, जिनमें रेत लदा हुआ था।
पांच आरोपी अपनी ट्रैक्टर ट्रॉली छोड़कर फरार हो गए, जबकि एक ट्रैक्टर चालक मारूफ को पकड़ लिया गया। थाना प्रभारी भगवत सिंह ने बताया कि मामले में दीनू, नौशाद, अफसर और अवैध रेत खनन कराने वाले ठेकेदार मोमीन निवासी गांव चौतरा के खिलाफ खनन अधिनियम के तहत रिपोर्ट दर्ज की गई है।
पकड़ी गईं ट्रैक्टर ट्रॉलियों को सीज कर दिया गया है। उधर, अवैध खनन कर लाए जा रहे रेत से लदे वाहन मेरठ-करनाल हाईवे, बिड़ौली-चौसाना, ऊन-थानाभवन मार्ग पर दौड़ते हैं, जिसकी पुष्टि बृहस्पतिवार रात एसडीएम के छापे से हो गई। बावजूद इसके अब तक पुलिस यही दावा करती रही है कि झिंझाना क्षेत्र में यमुना नदी से अवैध रेत खनन नहीं हो रहा है।