शामली। थाना झिंझाना क्षेत्र के गांव हरिनगर बिड़ौली में एक सप्ताह पहले हुए मां-बेटी हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा करते हुए जिला पंचायत सदस्य और उसके साथी को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि जिला पंचायत सदस्य और युवती के बीच छह साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। युवती शादी करने का दबाव बना रही थी, लेकिन वह तैयार नहीं था। इसी वजह से उसने अपने साथी के साथ मिलकर सनसनीखेज घटना को अंजाम दिया।
एसपी अजय कुमार ने पत्रकार वार्ता में बताया कि महिला कमला और उसकी बेटी सोनू की हत्या में झिंझाना थाने के गांव मछरौली निवासी जिला पंचायत सदस्य डॉक्टर सुुुुधीर और बागपत जिले के थाना रमाला क्षेत्र के गांव किरठल निवासी उसके साथी सुनील को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपियों की निशानदेही पर मृत युवती का मोबाइल गांव बिड़ौली गुरुद्वारा के पीछे आलू के खेत से बरामद हुआ है।
आरोपी सुधीर और युवती के बीच करीब छह साल से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसके चलते युवती उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। युवती से पीछा छुड़ाने के लिए सुधीर ने अपने साथी सुनील के साथ मिलकर उसे अपने रास्ते से हटाने की साजिश रची। तीन जनवरी को रात में दोनों युवती के घर पहुंचे और उसकी गला दबाकर हत्या कर दी। इस दौरान आहट होने पर उसकी मां जाग गई तो आरोपियों ने भेद खुलने के डर से जूते के फीते से उसकी भी गला घोंटकर हत्या की। एसपी ने इस केस का खुलासा करने वाली पुलिस टीम को 20 हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की है। प्रेसवार्ता के दौरान झिंझाना थाना प्रभारी ओपी चौधरी और स्वाट टीम के दरोगा सतपाल सिंह पुलिस टीम के साथ मौजूद रहे।
युवती से ऐसा हुआ संपर्क
शामली। आरोपी जिला पंचायत सदस्य सुधीर निजी पशु चिकित्सक है। करीब छह साल पहले वह युवती के घर पर पशु का उपचार करने गया था। उस दौरान युवती के पास सुधीर का मोबाइल नंबर पहुंच गया था। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला चलने के साथ ही घर पर आना जाना शुरू हो गया था। जिला पंचायत सदस्य बनने के बाद से युवती ने उस पर शादी का दबाव बनाना शुरू कर दिया था।
यह था मामला
बृहस्पतिवार को पुलिस लाइन सभागार में एसपी अजय कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि तीन जनवरी की रात को हरिनगर बिड़ौली में कमला और उसकी बेटी सोनू की हत्या कर दी गई थी। आरोपियों को अलग-अलग बोरे में बंद कर दोनों शव लेकर जाते समय ग्रामीणों ने उन्हें देख लिया था और चोरी कर सामान लेने जाने का शक होने पर शोर मचा दिया था। इसके बाद आरोपी दोनों शव फेंककर फरार हो गए थे। इस घटना की रिपोर्ट अज्ञात में दर्ज कराई गई थी।
मोबाइल की कॉल डिटेल से खुला राज
शामली। युवती की हत्या के बाद आरोपियों ने जिस मोबाइल को जंगल में फेंका था, उसी की कॉल डिटेल से हत्याकांड की परत दर परत खुलती गई। एसपी के मुताबिक मृतका का मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाली गई, तो एक ही नंबर पर लगभग पांच माह में 1500 कॉल थी। वह नंबर जिला पंचायत सदस्य सुुुधीर का निकला। सुधीर से पूछताछ की गई तो उसने बातचीत होना तो स्वीकार किया, लेकिन हत्याकांड से संबंध होने से इंकार किया।
इसके बाद सुुधीर के मोबाइल से घटना वाले दिन सुनील के नंबर की कॉल होना जानकारी में आया। पुलिस ने अपने मुखबिर तंत्र का सहारा लिया तो लोगों से पता चला कि सुुधीर का युवती के घर आना-जाना रहता था। इसके बाद सुधीर और सुनील को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो हत्याकांड की परत दर परत खुलती चली गई। उधर, पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने शातिराना अंदाज में दोहरे हत्याकांड को अंजाम दिया। एसपी अजय कुमार के मुताबिक सुधीर शादीशुदा होने और उसके करीब 17-18 साल के दो बच्चे होने के कारण वह शादी करना स्वीकार नहीं कर रहा था। वह युवती से बार-बार पीछा छुड़ाना चाहता था।
वह तीन-चार महीने पहले हार्ट की बीमारी बताकर हरिद्वार पतंजलि में अपना इलाज कराने की बात कहकर गायब हो गया था। युवती ने भी हरिद्वार जाकर उसकी तलाश की थी, लेकिन सुधीर वहां नहीं मिला, जबकि सुुुधीर मेरठ के एक आश्रम में इलाज के बहाने छिपकर रह रहा था, लेकिन युवती ने उसका पीछा नही छोड़ा। पारिवारिक और सामाजिक प्रतिष्ठा के चलते वो इन सब से परेशान हो गया और उसने युवती को रास्ते से हटाने की साजिश रची। एसपी के अनुसार उनकी योजना दोनों शव को आधा किमी दूर यमुना नदी में फेंकने की थी, लेकिन उससे पहले ही उन्हें शव ले जाते हुए ग्रामीणों ने देख लिया। शोर मचाने पर आरोपी दोनों के शव सड़क पर ही फेंककर फरार हो गए।
इस तरह दिया वारदात को अंजाम
एसपी के अनुसार प्लान के तहत सुधीर नए साल के बहाने अपनी पत्नी को उसके मायके में छोड़ आया। दो जनवरी की रात करीब 11 बजे आरोपी सुधीर अपने साथी सुनील के साथ अपने गांव से करीब आठ किमी पैदल चलकर युवती के घर पहुंचा। सोनू ने सुधीर के कहे अनुसार अपनी मां को दूध में नींद की गोली पिला दी थी। सुुुधीर ने युवती को अपने जीवन से दूर जाने के लिए समझाया। कहा कि वो उसका पीछा छोड़ दे, लेकिन जब वह नहीं मानी तो उसने साथी सुनील की मदद से रात में करीब डेढ़ बजे गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
बेटी की चीख सुनकर जाग गई थी मां
जिस समय युवती की चीख निकली तो उसकी मां जाग गई। उसने विरोध किया तो आरोपियों ने उसकी भी जूते के फीते से गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद बिस्तर को इस तरह से इकट्ठा किया कि जिससे ये लगे कि यहां कोई सोया नहीं था। साथ ही उनके जूते चप्पल के साथ दोनों शव बोरों में बंद किए। साथ ही युवती का मोबाइल भी अपने साथ ले गए ताकि किसी को उनके बीच की बातचीत का पता न चल सके। बाद में इस मोबाइल को तोड़कर जंगल में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने उनकी निशानदेही पर ये मोबाइल भी बरामद कर लिया।
ऐसे संपर्क में आया सुनील
शामली। पुलिस के मुताबिक गांव किरठल निवासी सुनील की बहन सुधीर के गांव में मछरौली में ब्याही है। गांव में आने जाने के दौरान सुधीर से उसकी जान पहचान हुई थी। सुनील ने जिला पंचायत के चुनाव में सुधीर के लिए काम किया। सुनील का अपनी पत्नी से चल रहे घरेलू विवाद को सुलझाने में सुधीर ने उसकी मदद की थी। इसके चलते दोनों आपस में दोस्त बन गए थे और एक दूसरे के काम में मदद करते थे। एसपी ने बताया कि हाईस्कूल पास सुनील का इससे पहले किसी आपराधिक घटना में शामिल होना नहीं पाया गया।