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हथियार तस्करी को लेकर फिर सुर्खियों में कैराना

Thu, 03 May 2018 12:21 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला/शामली।
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crime - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कैराना। पाकिस्तान से अवैध हथियारों की तस्करी को लेकर कैराना क्षेत्र एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। दो दिन पूर्व ही कैराना क्षेत्र के पंजीठ निवासी मुल्तान को अटारी बॉर्डर पर प्रेशर कूकर में पिस्टल और मैगजीन छिपाकर लाते पकड़ा गया था। आरोपी मुल्तान के साथ ही उसका समधी नाजिर भी गिरफ्तार किया गया है। वहीं, खुफिया विभाग की टीम ने गांव पंजीठ में पहुंचकर मुल्तान और उसके परिवार के बारे में जानकारी जुटाई।  
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सोमवार को अटारी बॉर्डर पर कैराना क्षेत्र के गांव पंजीठ निवासी मुल्तान अहमद और नाजिर अहमद निवासी गांव दनवा जिला सहारनपुर को गिरफ्तार किया गया। उनके पास से मिले प्रेशर कूकर में छिपाकर रखी गई पिस्टल और दो मैगजीन बरामद हुई। इसी के चलते बुधवार को खुफिया विभाग की टीम गांव पंजीठ में मुल्तान अहमद के बारे में जानकारी जुटाने पहुंची।

वहां मालूम चला कि मुल्तान अहमद की उम्र 78 वर्ष है। उसकी पत्नी का पूर्व में देहांत हो चुका है। उसकी बेटी रिहाना ने बताया कि पाकिस्तान के मुल्तान शहर में उसकी बुआ रहती है। 20 दिन पूर्व उसके पिता वहां गए थे। वहां जाने से कुछ दिन पूर्व शामली निवासी एक युवक उनके घर पहुंचा था। उसने ही मुल्तान को पाकिस्तान जाने के लिए तैयार कर लिया था। अटारी बॉर्डर पर क्या हुआ, इसके बारे में उन्हें जानकारी नहीं है।
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उसके पिता मुल्तान पहले हेयर कटिंग का काम करते थे। रिहाना ने बताया कि उसके चार भाई भी हेयर कटिंग का कार्य करते हैं, जबकि चार अन्य बहनों की भी शादी हो चुकी है। शामली निवासी युवक ने उसके पिता को हथियार तस्करी में फंसाया है।
वहीं, ग्राम प्रधान इरशाद ने बताया कि मुल्तान की रिश्तेदारी पाकिस्तान में होने के कारण वह पहले भी वहां गया था, लेकिन हथियार तस्करी के बारे में पहले कोई जानकारी नहीं मिली थी।

गहरी हैं गठरी कारोबार की जड़ें
कैराना। 90 के दशक में गठरी व्यवसाय के दौरान तीन हजार रुपये की दिहाड़ी और खर्च पर महिलाएं पाकिस्तान से तस्करी के काम में लिप्त थीं। पान, सुपारी, कपड़ा, चप्पल लाने के बाद गठरी व्यवसाय की आड़ में सोने के बिस्कुट की तस्करी होने लगी। बार्डर पर कई बार पाकिस्तान से छिपाकर लाया गया सोना पकड़ा गया। बाद में सोने का भाव अंतर्राष्ट्रीय बाजार में एक समान होने के बाद सोने की तस्करी पर विराम लगा और ड्रग्स व हथियारों की तस्करी होने लगी।
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