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आर्यन हास्पिटल को बंद कराया

Tue, 25 Jul 2017 11:50 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शामली
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action - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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शामली। प्रशासनिक टीम ने मुजफ्फरनगर मार्ग पर सिसौली अड्डे के सामने चल रहे आर्यन हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर पर मंगलवार शाम छापा मारा। अस्पताल संचालक अथवा कोई डॉक्टर मौके पर नहीं मिला।
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जांच में पता चला कि अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं है। इसके बाद प्रशासन ने अस्पताल पर सील लगा दी। वहां भर्ती मरीजों को सरकारी अस्पताल में भेजवा दिया। 

दरअसल. मंगलवार को जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह को शिकायत मिली की आर्यन हास्पिटल एंड ट्रामा सेंटर में गांव ऐरटी निवासी महिला की डिलीवरी कराई गई थी। आरोप लगाया था कि आवश्यकता पड़ने पर छह हजार रुपये शुल्क लेकर ब्लड चढ़ाया गया, जबकि उक्त ब्लड पर कोई स्लिप नहीं थी। 
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इसके बाद जिलाधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने एसडीएम सदर सुरजीत सिंह और सीओ सिटी अशोक कुमार सिंह की टीम गठित कर अस्पताल में छापा मारने के निर्देश दिए।

एसडीएम और सीओ के नेतृत्व में  टीम ने छापा मारा। इस दौरान अस्पताल में संचालक अथवा कोई डॉक्टर भी नहीं मिला। वहीं, डीएम के आदेश पर कुछ देर बाद सीएमओ डाक्टर सफल कुमार भी मौके पर पहुंच गए। टीम ने अस्पताल कर्मियों से रजिस्ट्रेशन के संबंध में कागजात मांगे, तो कोई कागज नहीं दिखाया गया।

वहीं, सीएमओ ने बताया कि इस अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं हुआ है। इसके बाद अधिकारियों ने वहां भर्ती छह मरीजों को एंबुलेंस बुलवाकर सरकारी अस्पताल में भेजवा दिया। 

इस संबध में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डाक्टर सफल कुमार ने बताया कि उक्त अस्पताल के संचालक अर्जुन सिंह उर्फ नरदेव हैं। फिलहाल अस्पताल पर सील लगाकर संचालक को इसकी लिखित सूचना दे दी गई है। 

करा दी कई महिलाओं की डिलीवरी
आर्यन हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर के लिए उनके संचालक द्वारा सीएमओ आफिस में रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन किया गया था। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अभी रजिस्ट्रेशन हुआ भी नहीं था और अस्पताल का संचालन शुरू कर दिया गया। पिछले चार-पांच दिनों के भीतर अस्पताल में करीब आधा दर्जन गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी कराई गई, जो प्रशासनिक टीम को अस्पताल में भर्ती मिली।       


शिकायत पर जांच के बाद हुई कार्रवाई
जिलाधिकारी के आदेश पर आर्यन हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर पर छापा मारा गया। पूर्व में हुई शिकायत के बाद हुई जांच में बगैर रजिस्ट्रेशन के अस्पताल का संचालन अवैध पाया गया। वहां भर्ती मरीजों को  सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करा दिया गया है। अस्पताल पर सील लगाई जा रही है। - सुरजीत सिंह, एसडीएम शामली।

मरीजों ने काटा हंगामा   
आर्यन हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापा मारा। अस्पताल का रजिस्ट्रेशन नहीं मिला तो प्रशासन द्वारा अस्पताल को सील किए जाने का निर्णय लिया गया।

वहां भर्ती मरीजों को सरकारी अस्पताल भिजवाने के लिए एंबुलेंस बुलवा ली गई। इस पर मरीजों के तीमारदारों ने हंगामा शुरू कर दिया। तीमारदारों का कहना था कि मरीजों ने दस हजार, बीस हजार, किसी ने आठ हजार रुपए फीस जमा कर रखी है तो वह अस्पताल से क्यों जाए?  इस पर उन्होंने हंगामा किया। अधिकारियों के समझाने पर शांत हुए।  

स्वास्थ्य विभाग भी कठघरे में
शामली। अवैध रूप से संचालित किए जा रहे आर्यन हॉस्पिटल एवं ट्रामा सेंटर को प्रशासन द्वारा कार्रवाई कर मंगलवार की रात बंद करा दिया गया और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई, लेकिन मुख्य मार्ग पर महीनों से चल रहे इस हास्पिटल पर स्वास्थ्य विभाग की नजर आखिर क्यों नहीं पड़ी। इसके चलते स्वास्थ्य विभाग भी कठघरे में है।

फर्जी अस्पतालों पर निगरानी करने तथा उन पर कार्रवाई करने के लिए स्वास्थ्य विभाग में एसीएमओ को नियुक्त किया गया है। आर्यन हॉस्पिटल तथा ट्रामा सेंटर का संचालन शहर के मुजफ्फरनगर रोड पर किया जा रहा था। वहां से कलक्ट्रेट करीब एक किमी है तथा रोजाना स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के वाहन कई बार गुजरते हैं।

अस्पताल का रजिस्ट्रेशन भी नहीं हुआ था, लेकिन विभाग के अधिकारियों को आज तक इसका पता नहीं चला। मंगलवार को भी जब एक पीड़ित ने शिकायत की, तो डीएम के आदेश पर एसडीएम और स्वास्थ्य विभाग के सीएमओ अस्पताल में पहुंचे तथा कार्रवाई शुरू कर दी। सवाल है कि आखिर महीनों से बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे अस्पताल से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कैसे और क्यों अंजान बने बैठे थे। 
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