कांधला। गांव नाला निवासी संजीव की मौत को लेकर बवाल हो गया। आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग को लेकर संजीव का शव एलम में दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रखकर गुस्साए लोगों ने जाम लगाते हुए हंगामा-प्रदर्शन किया। पुलिस ने जाम खुलवाना चाहा, तो पथराव हो गया। पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को खदेड़ा। लाठीचार्ज में कई महिलाओं और पुरुषों को चोटें आईं। बाद में अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा बुझाकर शांत कर जाम खुलवाया।
गांव नाला में अनुज और संजीव पक्ष के बीच नौ नवंबर को झगड़ा हो गया था, जिसमें संजीव गंभीर रूप से घायल हो गया था। शुक्रवार को संजीव की उपचार के दौरान मौत हो गई, जिसे लेकर गांव के दलितों में आक्रोश फैल गया। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद जब संजीव का शव गांव ले जाया जा रहा था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे एलम पहुंचने पर शव दिल्ली-सहारनपुर हाईवे पर रखकर जाम लगा दिया गया। कांधला थाने से एक दरोगा पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंचा और जाम खुलवाने का प्रयास किया।
इस दौरान ग्रामीणों की पुलिस से हाथापाई हुई। पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो ग्रामीणों ने भी पथराव कर दिया। इससे हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई। इसी बीच सूचना पर सीओ कैराना एनपी सिंह, एसडीएम श्याम अवध चौहान, नायब तहसीलदार देवेंद्र पांडेय पुलिस और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारी दलित महिलाओं व पुरुषों को समझा-बुझाकर किसी तरह शांत किया। संजीव के भाई नरेश की तहरीर पर आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। कई लोगों को हिरासत लिया गया है तथा फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है, तब जाकर दोपहर डेढ़ बजे जाम खोला गया।
संजीव की मौत के मामले में प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों पर लाठीचार्ज करने को लेकर बसपा नेताओं ने नाराजगी जताई। गांव नाला पहुंचे बसपा के पूर्व विधायक बलबीर सिंह किवाना समेत मुजफ्फरनगर से आए बसपा नेताओं ने आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की। हंगामा और तनाव की आशंका जताई जा रही थी। इसी के चलते पुलिस प्रशासनिक अधिकारी करीब 11 बजे नाला गांव पहुंच गए थे। वह ग्रामीणों को समझाने में लगे थे।
नेताओं को भी सुनाई खरी-खोटी
एलम में हंगामा-प्रदर्शन के दौरान लाठीचार्ज और महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार किए जाने से लोगों में आक्रोश बना रहा। मौके पर पहुंचे नेताओं को भी महिलाओं ने खूब खरी-खोटी सुनाई। यहां तक कि एक नेता के साथ तो महिलाओं की हाथापाई तक हो गई। लोगों ने लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की मांग की।
संजीव की बहन भी हुई घायल
जाम के दौरान पुलिस ने लाठीचार्ज किया, तो उसमें मृतक की बहन रमेशो भी चोट लग जाने के कारण वह बेहोश हो गई। रमेशो को परिजन वहां से उठवाकर एक निजी चिकित्सक के यहां ले गए।
फिर उजड़ गई गीता की मांग
कांधला। पति कृष्णपाल की मौत के बाद तीन साल पूर्व गीता विधवा हुई थी। परिवार के लोगों ने देवर संजीव के साथ विवाह कराया, तो भंवर में फंसी जिंदगी की कश्ती को किनारा मिला। अफसोस है कि ये खुशियां ज्यादा दिन नहीं चलीं और तीन साल में गीता की मांग फिर उजड़ गई। नाला गांव निवासी संजीव की मौत से जहां परिवार में कोहराम मचा था, तो गीता किस्मत पर आंसू बहाते हुए बेहोश हो रही थी।
आश्वासन के बाद किया अंतिम संस्कार
जाम खोले जाने के बाद नाला गांव में संजीव का शव पहुंचने पर लोगों ने प्रशासनिक अधिकारियों से मुआवजे की मांग की। उनका कहना था कि मृतक के परिवार में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा पट्टे की जमीन भी दी जाए। इसके साथ ही आरोपियों पर रासुका लगाने की मांग की। आश्वासन मिलने के बाद ही संजीव के शव का अंतिम संस्कार किया गया।