पासपोर्ट के आवेदन में एक और फर्जीवाड़ा पकड़ा
- पत्नी की 2015 हो गई थी मौत, साली से कर लिया था निकाह
पुलिस ने आवेदन कराने वाले मौलाना को हिरासत में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
शामली।
पासपोर्ट बनवाने के लिए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आवेदन करने का एक और मामला सामने आया है। शामली की एक मस्जिद के इमाम ने अपनी मृत पत्नी के नाम के दस्तावेजों से साली का पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन करा दिया। मामले का खुलासा होने पर शामली कोतवाली पुलिस ने आरोपी इमाम को पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है। खुफिया विभाग की टीम भी पूछताछ में लग गई। देर रात तक मामले में जांच और पूछताछ चलती रही।
शहर के मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी मौलाना एक मस्जिद में इमाम हैं। उसकी पत्नी ने पासपोर्ट बनवा रखा था। उनकी पत्नी का 2015 में इंतकाल हो गया। फिर मौलाना ने पत्नी की बहन से निकाह कर लिया। इसके बाद पासपोर्ट बनवाने के लिए पहली पत्नी के नाम से ही आवेदन कर दिया था। उसके के नाम के दस्तावेज ही पासपोर्ट आवेदन के साथ लगाए गए। एक दिन पूर्व ही पुलिस को यह प्रकरण जानकारी में आया, जिसके बाद गोपनीय रूप से पासपोर्ट आवेदन की जांच कराई गई। उसमें पता चला कि मौलाना ने दूसरी पत्नी के पासपोर्ट का आवेदन पहली पत्नी के नाम से कराया है, जोकि गलत दस्तावेजों के आधार पर किया गया है। इसके चलते बुधवार को मौलाना को पुलिस ने पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया । इसके बाद खुफिया विभाग की टीम ने भी कोतवाली पहुंचकर मौलाना से पूछताछ की। देर रात तक पुलिस और खुफिया विभाग की टीम मामले की जांच और मौलाना से पूछताछ करने में लगी रही। कोतवाली प्रभारी अनिल कुमार सिंह ने बताया कि अभी मामले की जांच की जा रही है।
थानाभवन में भी सामने आया था ऐसा मामला
शामली। एक महीना पूर्व कस्बा जलालाबाद में रहने वाले मोहम्मद रफी ने भी फर्जी दस्तावेज के आधार पर पासपोर्ट के लिए आवेदन किया था। मामले की जांच होने पर उसका खुलासा हुआ था, जिसके बाद मोहम्मद रफी के खिलाफ थानाभवन थानेे में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। पुलिस ने आरोपी मोहम्मद रफी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। वहीं, इस मामले को लेकर गहनता से जांच होने पर पता चला था कि मोहम्मद रफी के पासपोर्ट आवेदन पर थाने के मुंशी (सिपाही) फैय्याज ने उपनिरीक्षक आज्ञाराम के फर्जी हस्ताक्षर किए थे और मुहर लगाई थी। इसके बाद आरोपी सिपाही के खिलाफ भी दर्ज हुई थी।