कैराना। यूपी-हरियाणा सीमा पर विवादित गेहूं की फसल काटे जाने की सूचना पर प्रशासन में अफरातफरी मच गई। मौके पर पहुंची टीम ने जांच की तो सब कुछ ठीकठाक मिला।
यूपी-हरियाणा सीमा विवाद में दो अप्रैल को झिंझाना के गांव बल्हेड़ा में फसल काटने के विरोध पर किसान की हत्या कर दी थी। जिसके बाद कैराना तहसील प्रशासन ने बल्हेड़ा के साथ-साथ क्षेत्र के ग्राम मवी में 55 हेक्टेयर भूमि पर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को कुर्की कर लिया था। हरियाणा के किसानों ने एक के बाद एक करके 52.2 हेक्टेयर फसल को चोरी से काट लिया था। मात्र 2.8 बीघा फसल की बच पाई थी। मामले में कैराना कोतवाली में दो बार मुकदमा भी दर्ज हुआ था। सोमवार को तहसील में 2.8 हेक्टेयर भूमि पर फसल की नीलामी प्रशासन ने दिलशाद निवासी ग्राम मवी के नाम 71 हजार में की थी, जिसमें 10 हजार रुपये की जमानत राशि भी जमा की गई। बुधवार को हलका लेखपाल दिनेश कुमार दुबे को नीलामी की गई उक्त फसल हरियाणा के किसानों द्वारा काटे जाने की सूचना मिली। जिस पर वह भारी पुलिस फोर्स के साथ मौके पहुंचे, लेकिन वहां ऐसा कुछ नहीं पाया गया। हल्का लेखपाल ने बताया कि टीम के साथ मौके पर गए थे। फसल ज्यों का त्यों खड़ी हुई है। फसल काटने की सूचना झूठी पायी गई।