दयानंद नगर में शनिवार रात हुई राकेश की हत्या की जांच पुलिस ने शुरू कर दी है। रविवार को एसओजी टीम ने दयानंद नगर में जाकर मृतक के परिजनों से पूछताछ कर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल की।
मूलरूप से बुढ़ाना के गांव जौला निवासी राकेश पुत्र मिट्ठन शामली की दयानंद नगर कॉलोनी में 22 साल से रह रहा था। वह पहले दिल्ली में जीबी पंत में नौकरी करते थे। बाद में उनका तबादला शिक्षा विभाग में शाहदरा के पास एक इंटर कॉलेज में लैब असिस्टेंट के पद पर हो गया था। शनिवार रात जब वह दिल्ली से लौट रहे थे तो दयानंद नगर में घर से साठ कदम की दूरी पर बदमाशों ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में मृतक के भाई मुकेश ने रिपोर्ट दर्ज करा दी थी। घटना के बाद एसपी ने मामले के खुलासे के लिए एसओजी सहित दो टीमों का लगा दिया। रविवार सुबह एसओजी प्रभारी धर्मेंद्र पंवार के नेतृत्व में टीम मृतक के घर पहुंची और उसके बेटे तथा दोनों बेटियों से बात की। एसओजी ने मृतक के भाइयों से भी जानकारी हासिल कर उनके नंबर नोट किए।
पुलिस इस मामले के कुछ बिंदुओं पर जांच कर रही है। पहला यह कि किसी से राकेश की रंजिश तो नहीं है। इसके अलावा किसी से उसका रुपयों के लेनदेन का मामला तो नहीं था। हालांकि पुलिस जांच में पता चला कि राकेश दिल्ली में कमेटी डालता था, जिसके संबंध में एक माह पूर्व राकेश ने अपने भाई को जौला जाकर रुपये डूबने की बात कही थी। उधर सीओ सिटी एके सिंह भी रविवार दोपहर उनके घर पहुंचे और परिजनों से बात की। उधर, एसपी देवरंजन वर्मा ने बताया कि दो दिन में हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
राकेश आईसीआईसीआई बैंक वाली गली से अंदर आते थे। ऐसे में पुलिस उस गली में लगे जितने भी सीसीटीवी कैमरे हैं उनकी फुटेज खंगालने में लगी हुई। सीसीटीवी कैमरा राकेश के घर पर भी लगा हुआ है, लेकिन जहां राकेश का मर्डर हुआ वहां कोई सीसीटीवी कैमरा नहीं है।