शामली। शहर के प्रसिद्ध दवा कारोबारी देवराज मलिक के इकलौते पुत्र 30 वर्षीय आयुष मलिक के धर्मांतरण करने के आरोपी मौलवी समेत आठ आरोपियों की तलाश में पुलिस टीमें दबिश दे रही है। इस मामले में पुलिस आरोपी युवती व उसके पिता को गिरफ्तार कर चुकी है।
मोहल्ला दयानंद नगर निवासी आयुष मलिक उर्फ मोहम्मद अली के पिता देवराज मलिक की तरफ से शनिवार को मोहल्ला काजीवाड़ा निवासी चांदनी कुरैशी पर अपने परिजनों के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके संपत्ति हड़पने के लिए प्रेमजाल में फंसाकर धर्मांतरण कराने का आरोप लगाते हुए शहर कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। दो दिन बाद पुलिस ने चांदनी कुरैशी व उसके पिता इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार किया था।
एसपी ने इस प्रकरण में एआईटी गठित की है। इस मामले में तीन मौलवी समेत नौ अन्य आरोपी अभी पुलिस पकड़ में नहीं आ सके। इस मामले में पुलिस आयुष व उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की कॉल डिटेल खंगाल रही है। पाकिस्तानी डॉ. इसरार के संपर्क में रहने वालों पर भी पुलिस तलाश कर रही है।
पुलिस की जांच में धर्मांतरण कराने में गाजियाबाद व दिल्ली के मौलानाओं के शामिल होने की जानकारी मिली है। पुलिस टीमें मौलानाओं व अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश दे रही हैं लेकिन अभी कोई आरोपी पकड़ में नहीं आ सका। उधर, पुलिस ने आयुष व चांदनी के वीजा के बारे में जानकारी ली लेकिन वीजा नहीं मिला है। एसपी एनपी सिंह का कहना है कि पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश कर रही है।
पिता का दावा, चांदनी के संपर्क में आने के बाद कराया धर्मांतरण
शामली। दवा कारोबारी देवराज मलिक ने दावा किया कि आयुष मलिक ने चांदनी कुरैशी के संपर्क में आने के बाद धर्म परिवर्तन कराया गया। उनका कहना है कि इससे पूर्व वह परिवार के साथ हिंदू रीति रिवाजों में शामिल रहा है। उन्होंने बताया कि 2018-19 की आयुष के जन्मदिन की फोटो उनके व्हाटसएप की डीपी पर लगी है।
देवराज मलिक ने कहा कि उन्हें इस वर्ष जनवरी माह में बेटे के धर्मांतरण की जानकारी मिली थी। उनका कहना है कि फरवरी में आयुष ने स्वयं इस बात को स्वीकार कर लिया था। आयुष ने अपनी मां को एक मुस्लिम युवती से शादी करने की इच्छा जताई थी और उसका फोटो भी दिखाया था। यह बात सुनकर उसकी मां बेहोश हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि उक्त युवती के संपर्क में आने से पहले आयुष हिंदू रीति-रिवाजों का पालन करता था, पूजा-अर्चना करता था तथा कलावा भी बांधता था और रक्षाबंधन पर अपनी बहनों से राखी बंधवाकर तिलक भी कराता था, लेकिन बाद में उसके व्यवहार और पहनावे में बदलाव आ गया।
उन्होंने दावा किया कि भावनात्मक बातचीत के दौरान आयुष ने धर्मांतरण किए जाने की बात बताई थी। आरोप लगाया कि धर्मांतरण कराने में कुछ लोगों की भूमिका रही है। उन्होंने बताया कि आयुष दृढ़ निश्चयी स्वभाव का है, लेकिन उसे कथित रूप से प्रभाव में लेकर यह कदम उठवाया गया।
उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि निकाह कहां हुआ। उन्होंने पुलिस प्रशासन से बेटे को सकुशल वापस लाने की मांग की। देवराज मलिक ने यह भी आरोप लगाया कि उन पर भी धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया था और संपत्ति के लालच में यह षड़यंत्र रचा गया है। उन्होंने कहा कि उसके बेटे का ब्रेनवाश किया गया है। परिवार लगातार आयुष को वापस लाने का प्रयास कर रहा है और उम्मीद है कि समझाने के बाद वह घर परिवार में लौट आएगा। विदित हो कि आयुष ने तीन दिन पहले मीडिया के सामने बयान दिया था कि वह 2008 से इस्लाम धर्म का अनुसरण कर रहा है। उसने बिना किसी दबाव के इस्लाम धर्म में शामिल होना बताते हुए कहा था कि वह 40 किलोमीटर दूर जाकर नमाज पढ़ता था।