फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: सिस्टम की लापरवाही, तीन जिंदगियां हो गईं खामोश

विज्ञापन
हिरणवाड़ा गांव में हादसे में मौत के बाद गमगीन खड़ी महिलाएं। संवाद
विज्ञापन
शामली। दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे एक बार फिर भीषण हादसे का गवाह बना, जहां तेज रफ्तार थार की टक्कर से बाइक सवार तीन मौसेरे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। भैसानी इस्लामपुर कट के पास हुए इस हादसे ने न सिर्फ तीन परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी, बल्कि एक्सप्रेसवे की सुरक्षा व्यवस्था और नियमों के पालन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विज्ञापन

मृतक राजू, राजेंद्र उर्फ बिट्टू और सुभाष आज्ञम में कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। बताया गया कि तीनों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था और सबसे बड़ी बात यह कि वे उस एक्सप्रेसवे पर बाइक से चल रहे थे, जहां दोपहिया वाहनों का संचालन पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इस हादसे ने एक बार फिर सवाल खड़ा कर दिया है कि जब एक्सप्रेसवे पर दुपहिया वाहन प्रतिबंधित हैं, तो वे आखिर प्रवेश कैसे कर रहे हैं। निगरानी तंत्र क्यों विफल है और जिम्मेदार एजेंसियां हादसों के बाद ही क्यों सक्रिय होती हैं। वहीं, तीनों मृतक अपने-अपने परिवारों के एकमात्र सहारा थे। किसी के कंधों पर घर की जिम्मेदारी थी तो कोई मजदूरी और खेती कर परिवार चला रहा था। हादसे के बाद तीनों परिवारों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन

n तीनों में थी गहरी दोस्ती : परिजनों ने बताया कि जान गंवाने वाले राजू, राजेंद्र और सुभाष तीनों मौसेरे भाई होने के साथ ही अच्छे दोस्त भी थे। सभी एक-दूसरे के साथ ही समारोहों में जाते थे।
विज्ञापन

हर कोई तीनों की दोस्ती की मिसाल देता था। उनकी मौत के बाद हर गांव में गम का माहौल है। आखिर एक्सप्रेसवे पर बाइक पर अंकुश क्यों नहीं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें