शामली। स्कूटी चोरी होने के बाद बीमा कंपनी द्वारा पीड़ित को क्लेम राशि का भुगतान नहीं करने पर जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने बीमा कंपनी को परिवादी को कुल 89,879 रुपये अदा करने तथा 25,000 रुपये का जुर्माना जमा करने के आदेश जारी किए हैं।
कैराना के मोहल्ला आलकला निवासी मुबारिक हसन ने वर्ष 2020 में शामली मोटर प्राइवेट लिमिटेड से होंडा एक्टिवा खरीदी थी। 10 जनवरी 2020 से 9 जनवरी 2025 तक स्कूटी का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी द्वारा कराया गया था।
परिवादी ने आयोग में दायर वाद में बताया कि 26 अगस्त 2020 को वह मायापुर रोड स्थित अपने खेत पर गया था। खेत पर स्कूटी खड़ी कर वह अंदर चला गया। इसी दौरान अज्ञात चोर स्कूटी चोरी कर ले गए। काफी तलाश के बाद भी स्कूटी बरामद नहीं हुई तो उसने कैराना कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी, जिसे 1 जनवरी 2021 को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद परिवादी ने फाइनल रिपोर्ट की प्रति बीमा क्लेम फाइल में संलग्न कर बीमा कंपनी को भेज दी, लेकिन बार-बार संपर्क करने के बावजूद न तो क्लेम का भुगतान किया गया और न ही कोई स्पष्ट जवाब दिया गया। 2 फरवरी 2022 को परिवादी ने अधिवक्ता के माध्यम से बीमा कंपनी को नोटिस भेजा, लेकिन उसके बाद भी भुगतान नहीं किया गया।
परिवादी ने न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड, टाउन रोड मुजफ्फरनगर के शाखा प्रबंधक के विरुद्ध 1,00,000 रुपये क्लेम राशि, ब्याज सहित तथा 10,000 रुपये अधिवक्ता खर्च दिलाए जाने की मांग को लेकर वाद दायर किया था।
मामले की सुनवाई के बाद उपभोक्ता फोरम शामली के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता, महिला सदस्य अमरजीत कौर तथा सदस्य अभिनव अग्रवाल ने आदेश दिया कि बीमा कंपनी स्कूटी की कीमत के रूप में 54,879 रुपये, मानसिक, शारीरिक व आर्थिक क्षतिपूर्ति के 25,000 रुपये तथा अधिवक्ता खर्च के 10,000 रुपये, कुल 89,879 रुपये परिवादी को अदा करने के लिए आयोग में जमा कराए। इसके अतिरिक्त आयोग ने बीमा कंपनी पर 25,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है।