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Shamli News: किराये के मकानों की आड़ में हरियाणा में चल रहा था नशे का बड़ा खेल

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शामली। यूपी पुलिस की लगातार कार्रवाई से दबाव में आए अंतरराज्यीय नशा तस्करों ने अब हरियाणा को सुरक्षित ठिकाना बनाना शुरू कर दिया है। राजस्थान और मध्यप्रदेश के तस्करों ने यूपी-हरियाणा के स्थानीय तस्करों से गठजोड़ कर अंबाला, करनाल, रोहतक, पानीपत और कुरुक्षेत्र में किराये के मकान लेकर स्मैक तैयार करने की फैक्टिरियां शुरू करने की तैयारी कर ली थी। पानीपत में फैक्टरी शुरू कर दी थी, अन्य में एक सप्ताह में शुरू होनी थी।
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कैराना पुलिस की कार्रवाई में पकड़े गए गिरोह के दो सदस्यों ने पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि स्मैक तैयार करने के लिए गिरोह कूरियर से नशा बनाने का केमिकल और पाउडर मंगवाता था। पार्सल के ऊपर मोटे अक्षरों में ‘नोट फॉर सेल'' लिख दिया जाता था ताकि यह सामान किसी निजी प्रयोग जैसा लगे और जांच से बच जाए।
यह सामान मध्य प्रदेश के मंदसौर से वाया जयपुर और पानीपत होते हुए शामली तक लाया जा रहा था। जबकि पूर्व में तस्करों का रूट मध्य प्रदेश के मंदसौर से वाया शामली, झिंझाना था।
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शनिवार को छापेमारी के दौरान पुलिस ने गय्यूर (गढ़ी बेसक, पानीपत और नवीन उर्फ धोनी (गंदराऊ, कैराना) को गिरफ्तार किया था। इनके पास से चार किलो 102 ग्राम स्मैक बरामद हुई, जिसकी कीमत करीब चार करोड़ 10 लाख रुपये बताई गई है।
पूछताछ में सामने आया कि इस गिरोह का सरगना राजस्थान का विक्रम सिसौदिया है, जिसने यूपी, हरियाणा और मध्यप्रदेश के तस्करों को एक नेटवर्क में जोड़ रखा था। कैराना की फैक्टरी में तैयार माल को शामली के अलावा बागपत, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, दिल्ली एनसीआर, मेरठ में सप्लाई किया जा रहा था।

हरियाणा में 15 से 20 हजार रुपये महीना देकर मकान लेकर बना रहे थे फैक्टिरियां
शामली। गिरोह के सदस्य हरियाणा के पानीपत, करनाल, रोहतक, अंबाला और कुरुक्षेत्र में 15 से 20 हजार रुपये महीने किराए पर मकान लेकर वहीं स्मैक तैयार करने का प्लान था। सामान तैयार होते ही उसे यूपी, हरियाणा और पश्चिमी यूपी के जिलों शामली, बागपत, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर में सप्लाई करने की प्लानिंग थी।

मजदूरों के बैंक खातों का इस्तेमाल
शामली। पुलिस जांच में सामने आया कि तस्करों ने हरियाणा और राजस्थान के मजदूरों के बैंक खाते 5–10 हजार रुपये में किराये पर लेकर उन्हीं खातों में पैसे डलवाए। जल्द ही इन खाताधारकों पर भी शिकंजा कसने की तैयारी है।

शामली और पानीपत के जनसुविधा केंद्रों से डलवाए थे रुपये
जांच में पता चला कि गिरोह ने कैराना और पानीपत के दो जनसुविधा केंद्र संचालकों के जरिए दो बार में 70–70 हजार रुपये अपने जानने वालों के खातों में डलवाए। दोनों से पुलिस पूछताछ करेगी।

कोडवर्ड पर चल रहा था पूरा धंधा
गिरोह ने व्हाट्सएप पर एक ग्रुप बना रखा था, जिसमें नशे के सौदे, पैसों के लेनदेन और सामान मंगवाने के लिए कोडवर्ड इस्तेमाल किए जाते थे, ताकि पुलिस बातचीत को समझ न सके।


-नशा तस्करों ने अब हरियाणा को ठिकाना बना लिया है। पानीपत समेत संबंधित जिलों के एसपी को सहयोग के लिए पत्र भेजा जाएगा। हरियाणा के किराए के मकानों में नशे तैयार किया जा रहा। जल्द शिकंजा कसा जाएगा।
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-नरेंद्र प्रताप सिंह, एसपी शामली
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