झिंझाना। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में पकड़े गए झिंझाना निवासी आजाद शेख के साथ जिले के और कौन-कौन लोग कोलकाता की जमात में शामिल हुए, इसका ब्योरा अब जांच एजेंसियों ने जुटाना शुरू कर दिया है। आईबी और अन्य जांच एजेंसियों ने बुधवार को भी कस्बे में कई लोगों से पूछताछ की है। उधर, परिजन अभी आजाद से मिलने अहमदाबाद नहीं जा रहे हैं।
गुजरात एटीएस ने नौ नवंबर को राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप में झिंझाना के आजाद शेख, लखीमपुर खीरी के सुहेल और अहमदाबाद के अहमद मोइय्यूद्दीन को गिरफ्तार किया था।
बरामदगी में एक गाड़ी, एक पिस्टल, तीन कारतूस और करीब चार लीटर कैस्टल ऑयल (विष बनाने का कच्चा रसायन) मिला था। इनके सीधे संपर्क अफगानी आतंकी अबू खदीजा और ताल्हा से थे। दोनों को पकड़ने के लिए एटीएस ने जाल बिछाया है, लेकिन अभी तक गिरफ्त में नहीं आए हैं।
अहमदाबाद एटीएस अधिकारियों का कहना है कि आजाद और उसके दोनों साथियों के मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। आजाद को रिमांड पूरा होने के बाद जेल भेजा गया है।
एसपी ने की गश्त, व्यापारियों की समस्याएं सुनीं
झिंझाना। दिल्ली में हुए हालिया धमाके के बाद जिला पुलिस हाई अलर्ट पर है। बुधवार को भी पुलिस ने शामली, कैराना, जलालाबाद, थानाभवन, गढ़ीपुख्ता और बाबरी में व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।
कैराना और बिडौली बॉर्डर पर वाहनों की तलाशी के बाद ही उन्हें आगे जाने की अनुमति दी गई।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने शामली और कैराना के बाजारों में देर रात गश्त की और व्यापारियों की समस्याएं सुनीं। किसी भी संदिग्ध सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को जानकारी देने की अपील की गई। एसपी ने बताया कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।