शामली। राष्ट्रविरोधी गतिविधियों में पकड़े गए झिंझाना निवासी आजाद शेख और उसके साथियों के संबंध में गुजरात एटीएस को चौंकाने वाली जानकारियां मिली हैं। जांच में सामने आया है कि अफगानी आतंकी अबू खदीजा के अलावा एक और पाकिस्तानी हैंडलर अबू ताल्हा पिछले पांच महीनों से आजाद और उसके साथियों को ऑनलाइन वीडियो कॉल के जरिए हथियार तैयार करने, सप्लाई करने और कैस्टल ऑयल (अरंडी का तेल) से केमिकल बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था। एटीएस अब अबू ताल्हा और उसके नेटवर्क की धरपकड़ में लग चुकी है।
एटीएस अधिकारियों के अनुसार, जांच में पता चला कि आजाद दिल्ली की आजाद नगर मंडी दो बार गया था। अबू ताल्हा के निर्देश पर उसने वीडियो कॉल कर सब्जी और फलों के वाहनों को लाइव दिखाया था ताकि इन्हीं वाहनों के जरिए व्यापक स्तर पर अहमदाबाद और अन्य स्थानों पर हथियार व केमिकल भेजे जा सकें।
योजना यह थी कि रोजाना हजारों की संख्या में निकलने वाले सब्जी-फलों के वाहनों में जांच एजेंसियां शक नहीं करेंगी और आसानी से हथियार बताए गए स्थानों पर पहुंच जाएंगे। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि अबू ताल्हा और अबू खदीजा कई महीनों से टेलीग्राम पर एक विशेष ग्रुप के माध्यम से आजाद व उसके साथियों को हथियार तैयार करने, असेंबल करने और कैस्टल ऑयल से विस्फोटक बनाने की विधि भेजते थे। ग्रुप में लिखित पंफ्लेट भी भेजे जाते थे, जिसमें केमिकल मिलाने व बम तैयार करने की पूरी प्रक्रिया बताई जाती थी।
जमात में मिला था नेटवर्क लोकेशन दिल्ली से अहमदाबाद तक : शामली। शामली एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार आजाद, सुहेल और अहमद कोलकाता में हुई एक जमात में मिले थे। आजाद कई अन्य जमातों में भी शामिल हुआ था, हालांकि वहां कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं मिली। मोबाइल कॉल डिटेल में उसकी लोकेशन दिल्ली, अहमदाबाद और लखनऊ में मिली है। एटीएस पूरी जांच कर रही है, पुलिस सहयोग कर रही है।
जल्दी अमीर बनने के चक्कर में फंसा आजाद : एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि करीब दो साल से आजाद, सुहेल और अन्य के संपर्क में था। (संवाद)