कांधला। गांव सुन्ना निवासी मौलाना इब्राहिम की पत्नी और दो बेटियों की हत्या की सूचना मिलते ही परिवार में गम का माहौल है और गांव में गहरा शोक छाया है।
घटना की सूचना के बाद लोगों की भीड़ उनके आवास पर जमा हो गई। हर किसी ने परिवार के तीन सदस्यों की हत्या पर दुख जताया और हत्यारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की। बहू व दो पौत्रियों की हत्या की खबर सुनकर फूलमीदा रोते हुए बोलीं कितने दिनों से बहू और दोनों पौत्रियों से मिलने का मन कर रहा था, पर अब वे नहीं आ पाएंगे।
कांधला थानाक्षेत्र के गांव सुन्ना के मूल निवासी मौलाना इब्राहिम शादी के बाद गांगनोली गांव की मस्जिद में नमाज पढ़ाने का काम करते हैं। शनिवार दोपहर करीब दो बजे जब परिजनों को मौलाना की पत्नी इसराना व दो बेटियों सोफिया और सुमय्या की हत्या की सूचना मिली तो गम का माहौल बन गया और गांव में शोक छा गया। उधर, रोते हुए फूलमीदा ने कहा कि उसका कितने दिनों से बहू और दोनों पौत्रियों से मिलने का मन था। इब्राहिम हर बार बोलता था कि मां जल्दी ही सभी गांव में आएंगे। किसको पता था कि बहू और पौत्रियां कभी गांव में अपने घर नहीं आ पाएंगी। दोनों बुआ हनीफ और राबिया व अन्य परिजनों का भी रो-रो बुरा हाल है।
घर पर मौजूद बहन हनीफा ने बताया कि तीन वर्ष पूर्व मौलाना इब्राहिम अपनी पत्नी व बच्चों के साथ बागपत चले गए थे। गांव में मौलाना के चार भाई कामिल, हनीफ, तालिब, सालिम व बहन हनीफा, राबिया, मां फूलमीदा, पिता यामीन व खानदान के अन्य लोग रहते हैं। मौलाना के परिवार को सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों की भीड़ लगी हुई है। परिजनों व ग्रामीणों ने बागपत पुलिस से हत्यारों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
इब्राहिम ने भाई से कहा था कि समय मिला तो घर आऊंगा
कांधला। हनीफ ने बताया कि इब्राहिम 28 अगस्त को हज पर गया था। उस समय उनका परिवार गांव में आया था। उसने बताया कि सुबह उनकी अपने भाई इब्राहिम से फोन पर बात हुई थी। उसने बताया था कि वह देवबंद किसी काम से जा रहा है और इस समय रास्ते में है। उसने अपने भाई से कहा था कि मां फूलमीदा कह रही हैं कि अपनी पत्नी इसराना और बच्चों को घर लाकर उनसे मिला देना। तब इब्राहिम ने कहा था कि अगर समय मिला तो देवबंद से लौटते समय वह घर आएगा और बच्चों को फिर लेकर आएगा।