कैराना। यमुना नदी पर बने तीनों पुल अब सुरक्षा की बजाय हादसों का कारण बनते जा रहे हैं। पुलों के बीच करीब 10 फीट चौड़ी खाली जगह (गैप) के चलते कई लोगों की जान जा चुकी है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि तीनों पुलों के बीच लोहे का जाल या ऊंची रेलिंग लगाई जाए ताकि हादसों और आत्महत्या जैसी घटनाओं पर रोक लग सके।
करीब पांच साल पहले तक केवल पुराना पुल ही यातायात के लिए उपयोग में था। हाईवे निर्माण के बाद आने-जाने के लिए दो नए पुल बनाए गए लेकिन इन पुलों के बीच करीब 10 फीट चौड़ा खाली स्थान छोड़ दिया गया। पुराना पुल भी जर्जर हालत में है और उसकी रेलिंग कई जगहों से टूट चुकी है। यही कारण है कि अब ये पुल खूनी पुल के नाम से चर्चित होते जा रहे हैं। पिछले एक माह में आत्महत्या की तीन घटनाओं में चार बच्चों समेत सात लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा दो लोग पुल से नीचे गिरकर अपनी जान गंवा चुके हैं।
कांधला निवासी चाट विक्रेता विजय चार मई 2025 की शाम हरियाणा पुलिस से बचने के प्रयास में रेलिंग पार करते वक्त यमुना में गिर गया था।
इसी तरह पिछले वर्ष एक युवक चेकिंग से बचने के दौरान अंधेरे में पुलों के बीच बने गैप में गिरकर मौत के घाट उतर गया था।
भाजपा नेता अनिल चौहान ने कहा कि तीनों पुलों की दोनों साइडों में ऊंची रेलिंग या जाल की दीवार बनाई जानी चाहिए ताकि ऐसे हादसे रोके जा सकें।
अधिवक्ता शगुन मित्तल ने बताया कि पुराने पुल से कूदकर सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि नए पुलों से भी दो हादसे हो चुके हैं। प्रशासन को तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
अधिवक्ता नीरज चौहान का कहना है कि पुराना पुल अब पूरी तरह बंद कर देना चाहिए और नए पुलों के बीच लोहे का मजबूत जाल लगाना बेहद जरूरी है।
विशाल शर्मा ने कहा कि नए पुलों के बीच काफी जगह खाली है। यहां से अब तक दो युवकों की मौत हो चुकी है। इस स्थान पर जाल लगाना अनिवार्य है।
इस संबंध में एसडीएम कैराना निधि भारद्वाज ने बताया कि यमुना पुलों पर लोहे के जाल की दीवार लगाने को लेकर डीएम को पत्र भेजा जा चुका है। जल्द ही समस्या का समाधान कराया जाएगा।