कैराना। यमुना नदी में डूबे सलमान के तीन मासूम बच्चों की तलाश में जुटे प्राइवेट गोताखोरों को मोटरबोट खराब होने से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इसके कारण सर्च अभियान प्रभावित हुआ है और तीनों बच्चों का छठे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है।
गोताखोर बिना मोटरबोट के नदी में गोते लगाने में असमर्थ हैं। इससे वे अधिक दूरी तक खोज नहीं कर पा रहे हैं। गोताखोरों ने प्रशासन से मोटरबोट व स्थायी नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि इससे बच्चों को ढूंढने में मदद मिलेगी।
बीते शुक्रवार को मोहल्ला अफगानान निवासी सलमान ने पत्नी खुशनुमा के प्रेमी साबिर के साथ भागने के कारण अपने चार बच्चों महक, शिफा, अयान और इनाया सहित यमुना पुल से नदी में छलांग लगा दी थी। इस मामले में सलमान के पिता शफीक ने खुशनुमा, साबिर, हारुन, इंतजार, इश्तकार व अंजुम पर साजिशन आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया था।
चार अक्तूबर से शुरू हुई तलाश मेंब पांच अक्तूबर को बागपत के टांडा के पास सलमान और इस्सोपुर टील के पास महक का शव बरामद किया गया। मोटरबोट खराब होने के कारण बुधवार को सर्च अभियान प्रभावित हुआ। पहले पंजाब से आए गोताखोर सादिक की मोटरबोट में काम चल रहा था, लेकिन वह वापस पंजाब चला गया।