सहारनपुर। जिले में वर्ष 2014 में हुए दंगे के मामले में सहायक शासकीय अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र दाखिल किया है। प्रार्थना पत्र में उन्होंने गवाहों और सबूतों को पुख्ता करने की मांग की है। अदालत ने 12 दिसंबर को सुनवाई की तारीख तय की है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता दीपक सैनी ने बताया कि मामले में सरकार ने आरोपी के ऊपर एनएसए लगाया था। हाईकोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की थी। उन्होंने कहा कि विवेचक ने पत्रावली में घायल और मृतकों के मेडिकल भी पुष्ट नहीं किए हैं। इसके साथ ही विवेचक ने दोषपूर्ण विवेचना की है।
घटना, लूट, आगजनी, सरकारी संपत्ति, निजी संपत्ति जलाने आदि के चित्र, उनसे संबंधित फुटेज आदि पुष्ट नहीं किए गए हैं। उन्होंने अदालत में इन गवाहों और सबूतों को पुष्ट करने के लिए अर्जी दाखिल की है। अदालत ने मामले की सुनवाई के लिए 12 दिसंबर की तारीख तय की है।
बता दें कि जिले में गुरुद्वारे की जमीन को लेकर दंगा फैल गया था। सहारनपुर में हुए दंगे में तीन लोगों की मौत हो गई थी। 21 लोग घायल हो गए थे। इनमें एक सिपाही और होमगार्ड समेत 11 लोगों को गोली लगी थी। दंगाइयों ने शहर में 100 से अधिक दुकानों और वाहनों में आग लगा दी। हालात पर काबू पाने के लिए जिला प्रशासन ने शहरी क्षेत्र के छह थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाया था।