बागपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने रालोद कार्यकर्ता विशु तोमर के हत्यारोपी शिब्बू की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसमें कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।
बामनौली गांव निवासी नरेश ने सात नवंबर 2025 को अपने भतीजे रालोद कार्यकर्ता विशु तोमर की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस की जांच में पता चला कि चार नवंबर को खन्नानगर में विशु का शव मिला था, जिसकी पीट-पीटकर हत्या की गई थी। पुलिस ने विशु के साथी विक्रांत की तलाश शुरू की तो विक्रांत एक अन्य मामले में न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जेल चला गया। पुलिस ने विक्रांत को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो उसने शिब्बू और नवीन निवासी फतेहपुर के साथ मिलकर हत्या करने की जानकारी दी। विक्रांत ने बताया कि तीन नवंबर की रात को खन्नानगर में शराब पीते समय हुए झगड़े में उन्होंने विशु तोमर की हत्या कर दी। दूसरा आरोपी शिब्बू भी जानलेवा हमले में न्यायालय में पेश होकर जेल चला गया था। जेल में बंद शिब्बू ने न्यायालय में जमानत याचिका दायर कराई, जिसे जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने खारिज कर दिया।