शामली। नगर पंचायत बनत की बोर्ड बैठक का सभासदों ने बहिष्कार कर दिया, जिस कारण बोर्ड बैठक स्थगित हो गई। बहिष्कार करने वाले दस सभासदों ने नगर पंचायत के ईओ पर मनमानी और विकास कार्यों में बाधा पहुंचाने का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े 10 बजे नगर पंचायत बनत के कार्यालय में अध्यक्ष कुसुम देवी की अध्यक्षता में बोर्ड बैठक हुई, जिसमें 14 सभासदों में से 13 शामिल हुए। बैठक के शुरू में ही सभासदों ने नगर पंचायत ईओ देवकीनंदन से नगर पंचायत के वाहनों में प्रयोग हुए डीजल का रजिस्टर उपलब्ध कराने की मांग, लेकिन ईओ द्वारा रजिस्टर न दिखाए जाने पर उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए विरोध जताया। इसके बाद सभासदों ने ईओ की कार्यशली पर सवाल उठाते हुए कार्यों में पारदर्शिता न होने और मनमानी करने का आरोप लगाते हुए 13 सभासदों में से 10 सभासदों ने बोर्ड बैठक का बहिष्कार कर दिया। इसके बाद बैठक स्थगित हो गई।
इसके बाद सभासदों ने नगर पंचायत अध्यक्ष कुसुम देवी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में उन्होंने कहा कि विगत 13 अक्टूबर को दोपहर तीन बजे नगर पंचायत बोर्ड की बैठक आयोजित की गई थी, जिसमें सभी सभासद व नगर पंचायत अध्यक्ष मौजूद रहे। बैठक के दौरान सभासदों ने ईओ से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की संख्या और उनकी वेतन संबंधी जानकारी मांगी, लेकिन ईओ कोई संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए। आय-व्यय का ब्योरा मांगने पर ईओ ने जानकारी देने के बजाए कथित तौर पर गुस्से में बैठक छोड़कर चले गए और कहा कि वह कोई जानकारी उपलब्ध नहीं कराएंगे।
सभासदों ने आरोप लगाया है कि नगर पंचायत में विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं और सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है। ईओ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का ठेका अपने किसी परिचित के नाम कराकर लाभ ले रहे हैं और मनमर्जी से कर्मचारियों की नियुक्ति, हटाने का कार्य किया जा रहा है। सभासदों ने आरोप लगाया कि उम्रदराज लोगों को भी सांठगांठ से कार्य पर रखा जा रहा है।
सभासदों ने ठेके की जांच कराए जाने, ठेकेदार और ईओ के संबंधों की जांच सहित सभी नियुक्तियों की पारदर्शिता की मांग की है। सभासदों का कहना है कि ईओ और नगर पंचायत अध्यक्ष ने उनके किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया, जिस कारण उन्होंने बृहस्पतिवार को प्रस्तावित बोर्ड बैठक का बहिष्कार किया। बैठक का बहिष्काार करने वालों में सभासद अमरेश चौधरी, पूजा चौधरी, अनिता चौधरी, अजय कुमार, इकराम उर्फ मुन्नू, नीरजपाल, दीपक पाल, कल्लू, ख्वाजा खान और शर्मिला शामिल रहे।
उधर, ईओ देवकीनंदन का कहना है कि सभी सभासद काफी देर तक बोर्ड बैठक में मौजूद रहे, लेकिन जब रजिस्टर में हस्ताक्षर करने की बात आई तो सभासद बिना हस्ताक्षर किए बैठक से उठकर चले गए। सभासदों द्वारा उन पर क्या आरोप लगाए हैं, यह अभी तक उनकी जानकारी में नहीं है।