फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Shamli News: स्वकर प्रणाली का सभासदों ने शुरू किया विरोध, हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वकर प्रणाली का सभासदों ने शुरू किया विरोध, हस्ताक्षर अभियान चलाने का निर्णय
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

जलालाबाद। नगर पंचायत जलालाबाद में स्वकर प्रणाली को लेकर कस्बे में विरोध तेज हो गया है। नगर पंचायत द्वारा कर निर्धारण में पारदर्शिता और जमीनी हकीकत को दरकिनार किए जाने का आरोप लगाते हुए कुछ सभासद स्वकर प्रणाली के खिलाफ लामबंद हो गए हैं।
विरोध करने वाले सभासदों का कहना है कि कस्बे में बड़ी संख्या में गरीब और निम्न आय वर्ग के लोग निवास करते हैं। ऐसे में स्वमूल्यांकन आधारित गृहकर प्रणाली लागू करने से आम नागरिकों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ने की आशंका है। सभासदों के अनुसार यह व्यवस्था नागरिकों के साथ न्यायसंगत नहीं है और इस प्रणाली में बहुत खामियां हैं। जिसको सभासद इसाक सैफी, धर्मवीर सैनी, आसफा महबूब, इकबाल, राशिद चौधरी, राकेश शर्मा, गुलाम मोहम्मद व अन्य जनप्रतिनिधियों ने कहा कि सहमति के बिना इस तरह की कर प्रणाली लागू किया जाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का उल्लंघन है। इसे जनता के हित में तुरंत स्थगित करने की मांग की है।
विज्ञापन

मुद्दे को लेकर सभासदों ने हस्ताक्षर अभियान चलाने की भी घोषणा की है। नई कर प्रणाली के विरोध में कस्बे की जनता का भारी विरोध सामने आया तो लेकर नगर पंचायत के समस्त सभासद व चेयरमैन द्वारा आनन फानन में बुधवार की देर शाम नगर पंचायत अध्यक्ष जहीर मलिक की अध्यक्षता व अधिशासी अधिकारी के द्वारा बोर्ड बैठक बुलाकर सर्वसम्मति से इसके विरोध में प्रस्ताव पास कर शासन को भेजने का निर्णय हुआ।
विज्ञापन

बोर्ड बैठक में विरोध प्रस्ताव पास कर कस्बे की जनता में प्रचार शुरू किया कि उनके द्वारा इस प्रस्ताव को फिलहाल के लिए रोक दिया है। इसको लेकर उनके द्वारा बुधवार की देर शाम बुलाई गई बोर्ड बैठक में फिलहाल उक्त टैक्स प्रणाली को स्थगित रखने पर सहमति बनाई थी। साथ ही इसे पूरी तरह समाप्त कराने के लिए बोर्ड प्रस्ताव को तुरंत ही शासन को भेजने का निर्णय हुआ था, परंतु बोर्ड बैठक के कुछ घंटों बाद ही नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी द्वारा सोशल मीडिया पर स्वकर प्रणाली में नगर के पांच से अधिक वार्डों पर नई कर व्यवस्था के अंतर्गत बनाई गई सूची में सभी वार्ड के लोगों को अपना-अपना नए कर का अवलोकन करने का मैसेज भेज दिया। इससे नगर वासियों में नगर पंचायत बोर्ड व नगर पंचायत प्रशासन की मंशा पर बड़ा सवाल खड़ा किया है। वहीं अधिशासी अधिकारी जितेंद्र राणा ने बताया कि बुधवार की देर शाम एक आकस्मिक बैठक बुलाई गई थी। जिसमें यह निर्णय लिया गया कि सर्वसम्मति से कर प्रणाली के निरस्त करने के लिए एक मांग पत्र जिलाधिकारी को दिया जाएगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें