शामली। जिला मुख्यालय से पड़ोसी राज्यों व दूसरे जिलों के लिए शाम होते ही हरियाणा व यूपी रोडवेज की बसें नहीं मिलती, जिससे सवारियों को परेशानी का सामना करना पडता है। सवारियों को टेंपो अथवा अन्य दूसरे साधनों से महंगा किराया देकर जाना पड़ता है।
जिला मुख्यालय शामली से सहारनपुर, करनाल, पानीपत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, बागपत, लोनी के लिए निगम की बसें शाम होेने के बाद नहीं मिल पाती। लोनी जाने वाली मिनी बस शाम छह बजे के बाद बड़ौत जाकर रुक जाती है। निगम की इक्का दुक्का बस लोनी तक पहुंच पाती है। सहारनपुर- मुजफ्फरनगर की बसों के लिए सवारियां गुरुद्वारा, पानीपत के लिए विजय चौक, करनाल के लिए करनाल चौक, बड़ौत, बागपत के लिए अजंता चौक पर देर शाम में इंतजार ही करती रह जाती है।
यूपी रोडवेज और निजी बस न होने से सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सवारियों को टेपो, टैक्सी से दोगुना किराया देकर अपने गंतव्य पर जाना पड़ता है। देर रात में शामली से करनाल पानीपत और मेरठ के लिए 150 रुपये तक किराया वसूलते है।
लोनी-शामली मिनी बस यूनियन के अध्यक्ष सुरेश राणा ने बताया कि छह बजे के बाद लोनी जाने वाली मिनी बसें ज्यादातर बड़ौत जाकर रुक जाती है। बडौत से लोनी के लिए कम सवारियां मिलने से मिनी बसें बड़ौत से आगे नहीं चलती है। इससे उनकी आय नहीं निकल पाती है।