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अब चार दिन में मिल रही कोरोना की जांच रिपोर्ट

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शामली। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट आने में अब चार दिन का वक्त लग रहा है। पहले दो दिन में ही रिपोर्ट आ जाती थी। जांच रिपोर्ट देरी से आने के बाद ही मरीज का उपचार शुरू हो पाता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने इसकी वजह मेरठ लैब में नमूनों की संख्या ज्यादा पहुंचना बताया है।
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जिले में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए रोजाना 18 सौ से अधिक सैंपल लिए जा रहे हैं। इनमें एंटीजन किट से लगभग एक हजार और 800 सैंपल आरटी-पीसीआर जांच के लिए मेरठ मेडिकल प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं। जिले से बृहस्पतिवार को 856 एंटीजन व 875 आरटीपीसीआर सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। इससे पहले दिन 1023 एंटीजन व 779 आरटीपीसीआर सैंपल जांच के लिए भेजे गए थे। हालांकि जिले का लक्ष्य एक हजार एंटीजन और 500 आरटीपीसीआर जांच कराने का है। एंटीजन से जांच में जिस व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है, उसे होम आइसोलेट या कोविड अस्पताल में भर्ती कर उपचार और बचाव शुरू कर दिया जाता है। जिन लोगों में कोरोना के लक्षण होते हैं और एंटीजन जांच रिपोर्ट नेगेटिव आती है तो उसका सैंपल आरटीपीसीआर के लिए मेरठ भेजा जाता है। पहले आरटीपीसीआर की जांच रिपोर्ट दो दिन में ही प्राप्त हो जाती थी, लेकिन अब चार दिन का समय लग रहे हैं। जांच रिपोर्ट आने तक वह व्यक्ति घूमता रहता है। जिससे संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। इस बारे में जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. सुशील कुमार का कहना है कि मेरठ प्रयोगशाला में कई जिलों के सैंपलों की जांच होती है। कोरोना संक्रमण बढ़ने के कारण सैंपलों की संख्या बढ़ गई है। जिस कारण जांच रिपोर्ट आने में समय ज्यादा लग रहा है। उन्होंने बताया कि जिन लोगों का सैंपल लिया जाता है, उन्हें जांच रिपोर्ट आने तक घर से बाहर नहीं निकलने और होम आइसोलेट में रहने के लिए कहा जाता है ताकि कोरोना संक्रमण फैलने के खतरे से बचा जा सके।
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