आरटीपीसीआर किट की कमी से कोरोना की जांच प्रभावित
शामली। कोरोना की जांच के लिए आरटीपीसीआर किट की कमी से स्वास्थ्य विभाग जूझ रहा है। इसकी वजह है कि लखनऊ से किट मंगानी पड़ती है, इसके लिए दो दिन का समय लगता है। किट कम पड़ने पर मुजफ्फरनगर से 500 किट लाई गई।
जनपद में कोरोना की एंटीजन किट, आरटीपीसीआर किट (वायरल ट्रांसपोर्ट मीडियम) और ट्रू नेट मशीन से की जाती है। आरटीपीसीआर किट से लिए सैंपल जांच के लिए मेरठ मेडिकल लैब में भेजे जाते है। जनपद के लिए आरटीपीसीआर किट की सप्लाई लखनऊ से होती है। इस वजह से बीच-बीच में आरटीपीसीआर किट से जांच का कार्य प्रभावित हो रहा है। एसीएमओ एवं जिला सर्विलांस टीम के नोडल अधिकारी डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि शासन से एक दिन में 1600 सैंपल का लक्ष्य मिला है, इनमें एक हजार एंटीजन किट से और 600 सैंपल आरटीपीसीआर किट से लेने होते हैं। लखनऊ से एक बार में लगभग पांच हजार किट मिलती हैं, जिसमें सात-आठ दिन का काम चलता है। इस वजह से बार-बार किट लेने के लिए लखनऊ गाड़ी से जाना पड़ता है। एक बार लखनऊ आने-जाने में दो दिन का समय लगता है। किट लाने में समय और खर्च ज्यादा हो रहा है। कम पड़ने पर बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर से 500 किट लाई गई, ताकि सैंपल लेने का काम बाधित न हो सके। एसीएमओ का कहना है कि लखनऊ गाड़ी गई हुई है, जो किट लेकर शुक्रवार सुबह तक शामली पहुंच जाएगी।
मंडल स्तर से चालू नहीं हुई व्यवस्था
एसीएमओ डॉ. श्रीकांत शर्मा ने बताया कि लखनऊ से दूर के जिलों में आरटीपीसीआर किट की पर्याप्त उपलब्धता के लिए शासन ने पिछले महीने मंडल स्तर पर व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी तक सहारनपुर मंडल पर किट वितरण की व्यवस्था चालू नहीं हो सकी है।