शामली। जनपद में रिहायशी इलाकों और पॉश कालोनी में रहने वाले लोगों को जहां कोरोना अपना शिकार बना रहा है, वहीं इसके विपरीत मलिन बस्ती में कोरोना दम तोड़ रहा है। जिले में 23 स्थानों पर मलिन बस्ती में रहने वाले 1107 गरीब लोगों के सैंपल लिए गए। सैंपलों की जांच रिपोर्ट में कोई केस कोरोना संक्रमित नहीं मिला है। चिकित्सकों का मानना है कि इन बस्तियों में रहने वाले लोगों की इम्यूनिटी पावर मजबूत होने के कारण कोरोना संक्रमण बेअसर रहा है।
जनपद में कोरोना संक्रमण के केस लगातार आ रहे हैं। रिहायशी इलाकों और पॉश कॉलोनी में रहने वाले लोग भी कोरोना की चपेट में आ चुुके हैं। इन कालोनियों और घरों में अच्छी खासी साफ-सफाई रहती है, इसके बाद भी कोरोना के केस मिल रहे है। इसके विपरीत मलिन बस्तियों में जहां पर न तो समुचित साफ-सफाई रहती है और न ही फेस मास्क ओर सोशल डिस्टेंस का पालन होता है। छोटे घरों और झोपड़ी डालकर रहने वाले परिवार के सभी सदस्य एक साथ रहते है। वहां पर कोरोना अपना असर नहीं दिखा सका। गरीबी के आगे कोरोना बेदम नजर आ रहा है।
स्वास्थ्य विभाग ने पिछले महीने 19, 20 और 21 नवंबर को जनपद में ब्लाक रोड, माजरा रोड, बंतीखेड़ा पावर हाउस, ऊन, गढ़ीपुख्ता, काबड़ौत, मोरमाजरा, कांधला, भैंसवाल, गढ़ी अब्दुल्ला, मनट मंटी, जमालपुर समेत 23 मलिन व गरीब परिवारों की बस्ती में कोरोना की जांच के लिए 1107 लोगों के सैंपल लिए थे। सैंपलों की जांच रिपोर्ट में कोई भी व्यक्ति कोरोना संक्रमित नहीं पाया गया। चिकित्सक गरीब परिवारों में कोरोना पॉजिटिव केस न मिलने की वजह के पीछे उनका मेहनतकश होने के कारण इम्यूनिटी पावर अधिक होना मान रहे हैं। सीएमओ डॉ. वीर बहादुर ढाका ने बताया कि मलिन बस्तियों में लिए गए सैंपलों की जांच रिपोर्ट में कोई केस कोराना संक्रमित नहीं मिला है। वहां रहने वाले लोगों की इम्यूनिटी पावर ज्यादा होने के कारण कोराना वायरस का संक्रमण बेअसर रहा है।