जलालाबाद। हसनपुर लुहारी गांव की सहकारी समिति से जुड़े सात गांव के 1500 किसानों को अब लेनदेन के लिए जलालाबाद स्थित सहकारी बैंक के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। लुहारी गांव में जल्द सहकारी बैंक की स्थापना की जाएगी। जिसके लिए समिति की ओर से भूमि चिह्नित कर ली गई है।
क्षेत्र के गांव हसनपुर लुहारी स्थित सहकारी समिति से फिलहाल हसनपुर लुहारी, ख्यावड़ी, गोसगढ़, उमरपुर, दखोड़ी जमालपुर, दभेड़ी सहित सात गांव व चार मजरे जुड़े हैं। गांव के करीब 1500 किसान समिति से लेनदेन करते हैं। चूंकि फिलहाल सहकारी बैंक जलालाबाद में स्थित है तो ऐसे में लोगों को समिति से संबंधित किसी भी लेनदेन के लिए सात किलोमीटर दूर जलालाबाद के चक्कर काटने पड़ते हैं। किसानों की समस्या को देखते हुए सहकारी समिति हसनपुर लुहारी गांव में समिति का बैंक स्थापित करने की तैयारी कर रही है। जिला सहकारी बैंक की ओर से सहकारी बैंक बनाने के लिए गांव में ही एक भूमि को चिह्नित किया गया है। भूमि चिह्नित करने के पश्चात समिति सहकारी बैंक बनाने का प्रस्ताव समिति की जिला बोर्ड बैठक में भी पास किया जा चुका है। इसके बाद प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। समिति ने उम्मीद जताई है कि जल्द ही शासन से बैंक बनाने की अनुमति प्राप्त हो जाएगी। गांव में सहकारी बैंक बनने से किसानों को जलालाबाद के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और उन्हें तमाम सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
गांव के लोगों की समस्या को देखते हुए गांव में सहकारी बैंक बनाने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए भूमि चिह्नित है और अब शासन को प्रस्ताव भी भेज दिया गया है। जल्द गांव में सहकारी बैंक होगा।
ठाकुर राहुल राणा, डायरेक्टर जिला सहकारी बैंक