संवाद न्यूज एजेंसी
झिंझाना। मोहल्ला कानून गोयान स्थित शिव मंदिर के सुंदरीकरण को लेकर विवाद गहरा गया है। नगर पंचायत की ओर से वंदना योजना के तहत 56 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से मंदिर परिसर के सुंदरीकरण का कार्य कराया जाना था। निर्माण कार्य शुरू होते ही मंदिर की भूमि और स्वामित्व को लेकर दो पक्ष आमने-सामने आ गए। जिसके कारण निर्माण कार्य रोक दिया गया।
नगर पंचायत द्वारा पहली किस्त जारी होने के बाद हवन-पूजन के साथ बुधवार को सुंदरीकरण कार्य का शुभारंभ कराया गया। इसके बाद कुछ लोगों ने संबंधित भूमि पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया। शिव मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष हरिकिशन और कोषाध्यक्ष राधेश्याम ने विरोध दर्ज कराने वाले पक्ष के दावों को निराधार बताया। उन्होंने कहा कि सिद्धपीठ शिव मंदिर करीब 300 वर्ष पुराना धार्मिक स्थल है। जबकि अब तक अपने दावे के समर्थन में कोई वैध अभिलेख प्रस्तुत नहीं कर सके हैं।
दूसरी ओर आपत्ति दर्ज कराने वाले मोहित मिश्रा का कहना है कि संबंधित भूमि उनके परिवार की है। उनके अनुसार यह भूमि पहले उनके परदादा जयचंद मिश्रा, फिर दादा विजयचंद मिश्रा और बाद में पिता रमेश चंद्र मिश्रा के नाम रही है।
उन्होंने कहा कि मंदिर के सुंदरीकरण से उन्हें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन उनकी जानकारी और सहमति के बिना अन्य निर्माण कार्य कराया जा रहा है।
नगर पंचायत की अधिशासी अधिकारी डॉक्टर अनामिका सिंह ने बताया कि वंदना योजना के तहत मंदिर के सुंदरीकरण का प्रस्ताव पहले ही स्वीकृत हो चुका था और उस समय किसी प्रकार की आपत्ति प्राप्त नहीं हुई थी। किसी के पास वैध दस्तावेज हैं तो उन्हें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।