चौसाना। गांव सकौती के जंगल में शनिवार को ट्रांसफार्मर का तार जोड़ते समय करंट लगने से ऊर्जा निगम के संविदा कर्मचारी पेट्रोलमैन की मौत हो गई।
हादसे के बाद गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने शव को बिडौली-चौसाना मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान एसडीएम और ऊर्जा निगम के अधिकारियों के साथ ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक भी हुई। बाद में पीड़ित परिवार को मुआवजा व आर्थिक सहायता का आश्वासन मिलने पर लोग शांत हुए और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
गांव नाईनंगला निवासी सचिन (35) पुत्र राजबीर ऊर्जा निगम में संविदा पेट्रोलमैन के रूप में कार्यरत था। शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे वह गांव सकौती के जंगल में किसान के खेत पर लगे ट्रांसफार्मर का तार जोड़ रहा था। इसी दौरान अचानक लाइन चालू कर दी गई और करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। बताया गया कि सचिन ड्यूटी के दौरान राजस्व कार्य के लिए खेत में गया था। सूचना पर ग्रामीण और परिजन पहुंचे। लोगों ने शव को बिडौली-चौसाना मार्ग पर रखकर जाम लगा दिया। सूचना पर पुलिस 11 बजे मौके पर पहुंची। ग्रामीणाों ने शव नहीं उठने दिया। एसडीएम संदीप त्रिपाठी और एक्सईएन सौरभ पाठक भी घटनास्थल पर पहुंचे।
परिवार का एकमात्र सहारा था सचिन
मृतक सचिन अपने पीछे पत्नी, 8 वर्षीय पुत्री उमंग और 11 वर्षीय पुत्र मिलन को छोड़ गया है। लोगों का कहना था कि सचिन ही परिवार का पालन-पोषण कर रहा था और उसकी मौत के बाद परिवार पर रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
कर्मचारियों ने डेढ़ लाख की मदद जुटाई
हादसे के बाद विभागीय कर्मचारियों ने आपस में सहयोग कर करीब डेढ़ लाख रुपये एकत्रित कर पीड़ित परिवार को दिए।
एसई बोले- गलत फीडर का शटडाउन लिया था
ऊर्जा निगम के अधीक्षण अभियंता वीरेंद्र सिंह ने बताया कि कर्मचारी ने सकौती फीडर का शटडाउन लिया था, लेकिन वह खादर फीडर पर कार्य करने लगा। फिर भी पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता भी दिलाई जाएगी।