फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: बीमा क्लेम देने में आनाकानी पड़ी महंगी, शामली में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी पर 2.75 लाख रुपये का जुर्माना

Wed, 28 Jan 2026 04:56 PM IST
डिंपल सिरोही न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शामली

सार

शामली जिला उपभोक्ता आयोग ने कार का बीमा क्लेम खारिज करने पर नेशनल इंश्योरेंस कंपनी करनाल पर 2.75 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए भुगतान का आदेश दिया।

विज्ञापन
जिला उपभोक्ता फोरम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शामली जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने कार का बीमा क्लेम देने से इनकार करने के मामले में नेशनल इंश्योरेंस कंपनी करनाल को दोषी ठहराते हुए 2,75,008 रुपये का भुगतान परिवादी को ब्याज सहित करने का आदेश दिया है। साथ ही कंपनी पर अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए आर्थिक दंड भी लगाया गया है।

विज्ञापन


परिवादी का आरोप-गलत जानकारी देकर कराया गया बीमा
गांव बलवा निवासी मुरसलीन ने एक अक्टूबर 2021 को जिला उपभोक्ता आयोग में परिवाद दायर कर बताया कि उसने अपनी कार का ऑन डैमेज और थर्ड पार्टी बीमा कराया था। बीमा एजेंट द्वारा दुर्घटना की स्थिति में केवल फाइल चार्ज पर क्लेम मिलने का भरोसा दिलाया गया था।

परिवादी के अनुसार करीब 18 माह बाद यह जानकारी दी गई कि उसका ऑन डैमेज बीमा समाप्त हो चुका है और केवल थर्ड पार्टी बीमा शेष है, जिससे उसे नो क्लेम बोनस का लाभ भी नहीं मिल सका।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: West UP Weather Update: मौसम ने बदला मिजाज, ठंड और बारिश का डबल अटैक, 6.70 गिरा पारा

विज्ञापन

दुर्घटना के बाद क्लेम से किया गया इनकार
10 अगस्त 2021 को कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। क्लेम के लिए संपर्क करने पर पहले गाड़ी ठीक कराने से मना किया गया और बाद में एक डीलर के माध्यम से आधा भुगतान करने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे परिवादी ने अस्वीकार कर दिया।

इसके बाद 26 अगस्त 2021 को बीमा कंपनी ने चालक का नाम बदले जाने और वाहन के टैक्सी के रूप में प्रयोग का आरोप लगाकर क्लेम पूरी तरह खारिज कर दिया।

आयोग का फैसला- ब्याज सहित भुगतान का आदेश
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने सुनवाई के बाद नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 2,15,008 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित क्लेम की तिथि से भुगतान तक अदा करने का आदेश दिया।

इसके अलावा 10 हजार रुपये पारिवारिक व्यय के रूप में देने और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 50 हजार रुपये का अर्थदंड राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें