दुर्घटना के बाद क्लेम से किया गया इनकार
10 अगस्त 2021 को कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई। क्लेम के लिए संपर्क करने पर पहले गाड़ी ठीक कराने से मना किया गया और बाद में एक डीलर के माध्यम से आधा भुगतान करने का प्रस्ताव दिया गया, जिसे परिवादी ने अस्वीकार कर दिया।
इसके बाद 26 अगस्त 2021 को बीमा कंपनी ने चालक का नाम बदले जाने और वाहन के टैक्सी के रूप में प्रयोग का आरोप लगाकर क्लेम पूरी तरह खारिज कर दिया।
आयोग का फैसला- ब्याज सहित भुगतान का आदेश
आयोग के अध्यक्ष हेमंत कुमार गुप्ता ने सुनवाई के बाद नेशनल इंश्योरेंस कंपनी को 2,15,008 रुपये छह प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित क्लेम की तिथि से भुगतान तक अदा करने का आदेश दिया।
इसके अलावा 10 हजार रुपये पारिवारिक व्यय के रूप में देने और अनुचित व्यापार व्यवहार के लिए 50 हजार रुपये का अर्थदंड राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।