शामली। जिले में पुराने वाहनों का डंपिंग यार्ड झाल गांव में इस सप्ताह से बनना शुरू हो जाएगा। परिवहन विभाग ने इसके लिए ठेका छोड़ दिया है। छह माह के अंदर यार्ड बनकर तैयार हो जाएग।
केंद्र सरकार ने वर्ष 2020 के बजट सत्र में वाहन स्क्रैप नीति की घोषणा की थी। परिवहन आयुक्त रहे धीरज शाहू ने डंपिंंग यार्ड की स्थापना का आदेश जारी किया। झाल गांव में भूमि चिह्नित कर ली गई थी मगर निर्माण नहीं कराया जा रहा था। एआरटीओ रोहित राजपूत ने बताया कि झाल गांव में यार्ड के लिए निर्माण कार्य इसी सप्ताह शुरू होगा। जिसकी तैयारी पूरी कर ली है
एआरटीओ ने बताया कि डंपिंग यार्ड की भूमि उपलब्ध होने के बाद परिवहन चौकी संचालित की जाएगी। यार्ड में जिले के 10-15 साल पुराने वाहनों को परिवहन चौकी के सुपुर्द किया जाएगा। परिवहन चौकी में थाना प्रभारी और संबंधित स्टाफ तैनात होगा।
क्या है वाहन स्क्रैप नीति
इस पॉलिसी के हिसाब से अब देश में एक तय सीमा से पुराने वाहनों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा। ये टेस्ट वाहनों के इंजन की हालत, प्रदूषण उत्सर्जन और ईंधन क्षमता, सुरक्षा जैसे कई पैरामीटर पर होगा। यदि पुराने वाहन इस फिटनेस टेस्ट में फेल होते हैं तो उनका पंजीकरण रद्द हो जाएगा और उन्हें स्क्रैप में डंपिंग यार्ड भेज दिया जाएगा। व्यवसायिक वाहनों का 10 साल और निजी वाहनों का 15 साल में फिटनेस टेस्ट कराना होगा।
स्क्रैप के बदले मिलेगी छूट
पुराने वाहन को स्क्रैप में देने पर डिपोजिट सर्टिफिकेट मिलेगा। इस सर्टिफिकेट के बदले वाहन कंपनियां नए वाहन पर करीब पांच फीसदी छूट देंगी।