शामली। दिल्ली-सहारनपुर हाईवे का निर्माण होने पर शामली के लोगों को काफी लाभ मिलेगा। खासकर व्यापारियों और उद्यमियों को इस हाईवे से काफी उम्मीदें हैं। क्योंकि शामली से रोजाना ही व्यापार और नौकरीपेशा लोग दिल्ली का सफर करते हैं।
शामली से दिल्ली की दूरी करीब 95 किलोमीटर है। शामली से दिल्ली जाने के लिए साधनों की बात करें, तो सड़क मार्ग के अलावा ट्रेनों की सुविधा भी है। सड़क खस्ताहाल होने की वजह से दिल्ली का सफर बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में लोगों को ट्रेन का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन ट्रेन से भी दिल्ली पहुंचने में करीब चार घंटे लग जाते हैं। एक्सप्रेस ट्रेन करीब ढाई घंटे में दिल्ली पहुंचाती है, लेकिन एक्सप्रेस ट्रेनें सिर्फ एक जनता एक्सप्रेस ही है। अजमेर -हरिद्वार एक्सप्रेस ट्रेन सप्ताह में तीन दिन ही आती है। ऐसे में शामली से दैनिक यात्रियों कोपैसेंजर ट्रेन का ही सहारा रहता है। अब दिल्ली -सहारनपुर हाइवे के निर्माण का शिलान्यास हो गया है। शहर के व्यापारियों और उद्यमियों को उम्मीद है कि शिलान्यास हो गया है, तो जल्दी ही निर्माण भी पूरा कराया जाए। इसका निर्माण पूरा होने के बाद दिल्ली पहुंचने में केवल दो घंटे का वक्त लगेगा।
व्यापारियों ने की सराहना
- सुभाष गर्ग ने कहा कि सहारनपुर जनपद के साथ ही थानाभवन क्षेत्र के लोगों की आवाजाही शामली में बढ़ेगी, जिससे व्यापार को भी फायदा मिलेगा।
- अमन ठकराल ने कहा कि दिल्ली -सहारनपुर हाईवे के तहत शामली बाईपास का निर्माण होने पर ट्रैफिक जाम की समस्या खत्म होगी। देहात क्षेत्र का ग्राहक भी आसानी से शहर में आएगा।
- अंशुल मित्तल ने कहा कि बाईपास बनने पर ट्रैफिक जाम खत्म होगा, लेकिन व्यापार को उससे नुकसान भी हो सकता है। क्योंकि अभी तक जो लोग शहर में आते हैं और कुछ खरीदारी करते हैं, तो उससे व्यापार अच्छा रहता है।
- ब्रजेश कुमार गर्ग और हरिशंकर जिंदल का कहना है कि फोरलेन हाईवे का निर्माण होने से दिल्ली का सफर आसान हो जाएगा। शामली के काफी लोगों की रिश्तेदारियां दिल्ली और उसके आसपास है। हाईवे बनने पर समय की बचत होगी। क्योंकि अभी तक शामली से दिल्ली के लिए वाया पानीपत से जाना पड़ता है।
बसें गई बड़ौत, यात्री रह गए बस अड्डे पर
शामली। दिल्ली-सहारनपुर फोरलेन निर्माण के लिए बड़ौत में आयोजित शिलान्यास समारोह में लोनी-शामली मार्ग की 49 अनुबंधित मिनी बसों के जाने से पूरे मार्ग पर सवारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पूूरे दिन रोडवेज बसों के देरी से आने से बस अड्डों पर सवारियों को भीड़ रही। मिनी बसों के संचालन बंद होने से उत्तरप्रदेश परिवहन निगम की रोडवेज बसों के फेरे नहीं बढ़ाए गए। पूरे दिन सवारियां अपने अपने गंतव्य स्थानों पर जाने के लिए चक्कर काटती रही।
मंगलवार को बड़ौत में शिलान्यास समारोह में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी व मुख्यमंत्री की सभा के लिए लोनी-शामली मार्ग की 49 अनुबंधित मिनी बसों को बुक किया गया था। मिनी बसों का संचालन बंद होने से सुबह से ही रोडवेज बस अड्ड़े पर सवारियों की भीड़ उमड़ पड़ी। बस अड्डे पर जैसे ही रोडवेज बस आकर रुकती वह भर जाती। सवारियों को रोडवेज बस में जगह नहीं मिलने से परेशानी का सामना करना पड़ा। लोनी-शामली मार्ग की मिनी बसों के कांधला के संचालन प्रभारी जहीर आरजू ने बताया कि लोनी-शामली मार्ग की 49 मिनी बसों को शिलान्यास समारोह के लिए बुक किया था। एक महिला का रोडवेज बस में बैठने के लिए भागते हुए उसका बच्चा तक गिर गया।