शामली। बेंगलुरु की कंस्ट्रक्शन कंपनी जिला न्यायालय, कार्यालय एवं आवासीय भवनों के लिए 300 करोड़ रुपयों से अधिक की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर रही है। डीपीआर तैयार होने के बाद नवंबर माह में यूपी कैबिनेट की बैठक में मंजूरी के लिए पेश की जाएगी। बैठक में जिला न्यायालय एवं आवासीय भवनों का बजट का अनुमोदन के बाद निर्माण एजेंसी ठेकेदार के लिए ऑनलाइन टेंडर छोड़ेगी। नए साल 2025 में पूर्वी यमुना नहर के किनारे आरक्षित भूमि में निर्माण शुरू होने की उम्मीद जगी है।
जिला बनने के बाद पूर्वी यमुना नहर के किनारे गोहरनी गांव के जंगल 75 एकड़ भूमि जिला न्यायालय, कार्यालय एवं आवासीय भूमि आरक्षित है। पिछले पांच साल से न्यायालय एवं आवासीय भूमि की चहारदीवारी कार्य पूरा हो चुका है। वर्ष 2022 में लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड शामली की ओर 298 करोड़ रुपये की डीपीआर बनाकर तत्कालीन डीएम शामली जसजीत कौर की ओर से शासन को भेजी गई थी। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने शामली समेत दस नवसृजित जिलों के लिए एकीकृत जिला न्यायालय एवं आवासीय भवन निर्माण के लिए 400 करोड़़ रुपये बजट का प्रावधान किया था।
लोकसभा चुनाव से पहले शामली के जिला न्यायालय कार्यालय एवं आवासीय भवनों के निर्माण के लिए प्रशासकीय वित्तीय स्वीकृति मिलने की उम्मींद में ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया शुरू की। किंतु शासन से स्वीकृति न आने से टेंडर प्रक्रिया को निरस्त किया गया। दो दिन पहले इलाहाबाद उच्च न्यायालय के प्रशासनिक जज के कैराना में जिला न्यायालय के निरीक्षण के दौरान जिले के अधिवक्ताओं ने ज्ञापन देकर जिला न्यायालय के भवन निर्माण का काम शुरु कराने की मांग की थी। लोक निर्माण विभाग भवन खंड लखनऊ के अधीक्षण अभियंता पवन वर्मा ने बताया कि जिला न्यायालय, कार्यालय एवं आवासीय भवनों का 300 करोड़ रुपये की डीपीआर तैयार की जा रही है। नवंबर माह में डीपीआर तैयार होने और प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में अनुमोदन होगा। बाद में लोकनिर्माण विभाग भवन खंड लखनऊ की ओर से जिला न्यायालय कार्यालय एवं आवासीय भवनों का ठेकेदार का नाम चयन करने के लिए आनलाइन टेंडर छोड़ा जाएगा।