शामली। जिले में नए विकास प्राधिकरण के गठन को लेकर तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। इस बाबत शामली और मुजफ्फरनगर के अधिकारी बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय में बैठक करेंगे और आपस में विचार-विमर्श करेंगे।
28 सितंबर 2011 को शामली नया जिला बनने के बाद से यह मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में शामिल है। वर्तमान जिला मजिस्ट्रेट अरविंद कुमार चौहान ने शामली को मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण से अलग करने का प्रस्ताव तैयार कर मंडलायुक्त सहारनपुर के माध्यम से शासन को भेजा था। शामली जिले के विकास प्राधिकरण क्षेत्र का विस्तार भी हो चुका है और शामली महायोजना 2031 को शासन द्वारा स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि गजट प्रकाशन की प्रक्रिया अभी लंबित है।
नए प्राधिकरण कार्यालय के लिए नवीन जिला मुख्यालय पर लगभग दो हजार गज भूमि आरक्षित की गई है। मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण ने शामली जिले की भौगोलिक, ऐतिहासिक, कृषि विकास और जनसंख्या संबंधी जानकारी के आधार पर शासन से इस नए प्राधिकरण गठन के संबंध में गाइडलाइन मांगी थी।
जिलाधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को दोनों जिलों के अधिकारियों की बैठक मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण कार्यालय में होगी। इस बैठक में शामली जिले के नए विकास प्राधिकरण को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श होगा। बैठक में शामली जिले के अधिकारी, प्राधिकरण की उपाध्यक्ष कविता मीणा, सचिव कुंवर बहादुर सिंह, टाउन प्लानर मोहित कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद होगी अधिसूचना जारी
बैठक के बाद दोनों जिलों के अधिकारी एक संयुक्त प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजेंगे। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में होने वाली यूपी कैबिनेट की बैठक में प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद शामली में नए विकास प्राधिकरण की अधिसूचना जारी कर दी जाएगी।