शामली। हाईकोर्ट के आदेश के बाद 2015 को आधार वर्ष मानकर निर्धारित हुए आरक्षण की तस्वीर साफ हो गई है। इसके बावजूद आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में जाने से दावेदार के चेहरे पर चिंता की लकीरें खिंच गई हैं। उन्हें आरक्षण में फिर से फेरबदल का डर सता रहा है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है। आरक्षण पर आपत्तियां ली जा रहीं हैं। उधर, आरक्षण का मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गया है। इसे लेकर दावेदारों को फिर से डर सताने लगा है। आशंकाओं से घिरे दावेदार फिलहाल इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट के रुख का इंतजार कर रहे हैं।
पहले दिन केवल तीन आपत्ति दाखिल
शामली। पंचायत चुनाव के आरक्षण पर रविवार को भी आपत्तियां ली गईं। सभी ब्लॉक कार्यालय खुले रहे। शामली में एक और ऊन ब्लॉक में दो आपत्तियां दाखिल हुईं। पहले दिन कुल तीन आपत्तियां प्रधान पद के आरक्षण पर दर्ज हुई हैं। डीपीआरओ आलोक शर्मा ने बताया कि 23 मार्च तक आपत्तियां ली जाएंगी और इनके निस्तारण के बाद 26 मार्च को आरक्षण का अंतिम प्रकाशन किया जाएगा।