एनसीआर की तर्ज पर मिले किसानों को मुआवजा
शामली। छह लेन का प्रस्तावित दिल्ली- देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की पहली सुनवाई के दौरान किसानों ने वर्ष 2017 से लेकर 2020 के बीच सर्किल रेट रिवाइज करके दिल्ली एनसीआर की तर्ज पर मुआवजा दिए जाने की मांग की। किसानों ने बुटराड़ा और लोई नहर के बीच डेढ़ किलोमीटर भूमि को अधिग्रहीत करने, प्रत्येक किसान को भूमि अधिग्रहण करते समय पांच- पांच लाख रुपये की मुआवजा के साथ साथ प्रोत्साहन राशि दिए जाने की मांग की है।
शुक्रवार को कलक्ट्रेट सभाकक्ष में सक्षम अधिकारी एवं एसडीएम सदर संदीप सिंह की अध्यक्षता में बैठक में प्रस्तावित हाईवे निर्माण के मसले पर चर्चा हुई। इस दौरान छह लेन का प्रस्तावित दिल्ली- देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की जद में आने वाले 20 गांवों के किसानों की समस्याओं पर सुनवाई की गई। कॉरिडोर एक्सप्रेस हाईवे की 3ए की अधिसूचना पर सरकारी और निजी भूमि को लेकर सुनवाई के दौरान एसडीएम सदर संदीप सिंह ने कहा कि दिल्ली- देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे के 20 गांवों के अधिसूचना के प्रकाशन में किसान खेत का गाटा, रकबा, खसरा नंबर कम अथवा अधिक व भूमि का बंटवारा-हिस्से में कोई भी गलती होने पर ठीक करा ले।
किसानों ने कहा कि पेड़- बाग, भूमि और , जिला व प्रमुख मार्ग का उचित मुआवजा दिलाया जाए। सुनवाई के दौरान जिला पंचायत के पूर्व सदस्य वीर सिंह मलिक ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारियों से प्रत्येक किसान को भूमि का पांच लाख रुपये के हिसाब से प्रोत्साहन राशि दिए जाने सहित कई मांग की। शामली-सिसौली मार्ग पर भाजू गांव में किसानों को आने जाने के लिए कट, अंडरपास और सुगम रास्ते दिए जाने की मांग रखी। बैठक में गठवाला खाप के बहावड़ी थांबेदार श्याम सिंह, रविंद्र बाबा, लांक का ग्राम प्रधान बाबूराम, भिक्का माजरा के प्रधान धर्मेंद्र, कासमपुुुुुुुुर के प्रधान धर्मेंद्र, बोबी प्रधान भाजू, भूरा चूनसा आदि किसान मौजूद रहे।