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शामली बाइपास के तीन गांवो की 31आपात्तियां, मांगा आबादी का मुआवजा-- - सुनवाई 14 अगस्त को होगी---

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शामली। दिल्ली-शामली, सहारनपुर मार्ग के शामली बाइपास में तीन गांव के किसानों द्वारा आबादी का मुआवजा मांगने का मामला दस सालों से अधर से लटका पड़ा है। जिला बनने के बाद दिल्ली- शामली, सहारनपुर मार्ग और शामली बाइपास की प्रक्रिया चल रही है। शामली बाइपास की 36.6344 हेक्टेयर कुल भूमि में 31.3609 हेक्टेयर भूमि की खरीद होचुकी है। 5.0735 हेक्टयेर भूमि अभी तक खरीदी नही गई है।
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शामली बलवा और बनत गांव के किसान कृषि भूमि के स्थान पर आबादी की भूमि बताकर मुआवजे की मांग कर चुके हैं। मुआवजा वितरित न होने से तीन गांवों में शामली बाइपास का भूमि अधिग्रहण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। तीन गांव बलवा- बनत, शामली के किसानों का मुआवजा विवाद के तहत निस्तारण के लिए सुनवाई मंडल के भूमि अध्यापित सुरेश कुमार सोनी के कार्यालय में सुनवाई चल रही है। भूमि अध्यापित अधिकारी सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि शामली बाइपास की जद में बलवा- बनत, शामली के किसानों की आपात्तियों पर सुनवाई उनके कार्यालय में 3 जी के तहत 14 अगस्त को होगी। शामली बाइपास के बनत में 27, बलवा तीन व शामली एक आपत्ति प्राप्त हुई है। सभी आपत्ति करने वाले किसान आबादी का मुआवजा मांग रहे है, जबकि जिला प्रशासन आपत्ति वाले किसानों की भूमि को कृषि क्षेत्र बताकर मुआवजा दिए जाने की संस्तुति कर चुका है।
पानीपत-खटीमा नगीना फोरलेन, 150 करोड का बांटा मुआवजा
शामली। पानीपत-खटीमा, नगीना फोरलेन की जद में आरहे 16 गांव के किसानों को 150 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटा जा चुका है। 65 करोड़ रुपये का मुआवजा बांटना शेष है। पानीपत- खटीमा, नगीना फोरलेन का पेड़ कटाई का कार्य जारी है। फोरलेन की जद में आ रहे 16 गांवों के किसानों का 215 करोड़ रुपये का मुआवजा सड़क परिवहन मंत्रालय भारत सरकार की ओर से स्वीकृत होकर जिला प्रशासन के माध्यम से मुआवजा वितरित किया जा रहा है। प्रशासन के मुताबिक 150 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जाचुका है। एडीएम अरविंद कुमार सिंह ने बताया कि 65 करोड़ रुपये अवशेष मुआवजा विवादित भूमि, कोर्ट केस आदि का रह गया है। किसानों के विवादित केसों का निस्तारण करके मुआवजा बांटा जाएगा।
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