जिले के 16 गांवों का मुआवजा अवार्ड तैयार
शामली। देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर की जद में आने वाले जिले के 16 गांवों का मुआवजा अवार्ड जिला प्रशासन ने तैयार कर लिया है। जिसको भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण बागपत इकाई को भेजकर केंद्र सरकार से मुआवजा मांगा गया है।
दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर एक्सप्रेेस हाईवे दिल्ली के अक्षर धाम से शुरू होकर बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर से होता हुआ सीधा देहरादून जाएगा। इस कॉरिडोर के बनने से दिल्ली से देहरादून की दूरी 180 किमी की रह जाएगी। 13 अक्तूबर 2020 को जिला स्तर पर 3ए की अधिसूचना जारी की गई थी। एसडीएम सदर संदीप सिंह को सक्षम अधिकारी बनाए गए थे। मौजूदा दौर में जिले में सक्षम अधिकारी की ओर से जिले में हाईवे की 3जी की कार्रवाई जा रही है।
जिला प्रशासन की ओर से हाईवे की जद में आने वाले 22 गांवों में से 16 गांवों का मुआवजा अवार्ड तैयार करके बागपत इकाई की ओर से भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय नई दिल्ली को भेजकर मुआवजा मांगा गया है। दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के सक्षम अधिकारी एसडीएम सदर संदीप सिंह ने बताया कि मुआवजा आते ही किसानों को मुआवजा वितरित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। नई दिल्ली प्राधिकरण के वरिष्ठ अधिकारी एनसी मिश्रा ने बताया कि बागपत जिले से लेकर सहारनपुर गणेश चौक तक चार चरणों में इकोनॉमिक कॉरिडोर के निर्माण पर 1300 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
देहरादून-दिल्ली इकोनॉमिक कॉरिडोर
- चार जनपद : बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली, सहारनपुर
- जद में जिले के मुआवजा मांगे गए 16 गांव की सूची
- बाबरी, बंतीखेड़ा, खेडी पट्टी, कैड़ी, कांजरहेड़ी, खानपुर, हसनपुर लुहारी, नांगल, भैसानी इस्लामपुर, ख्याबड़ी, गोगवान जलालपुर, लाडो माजरी, चूनसा, भाजू, रायपुर, नसीरपुर।
- छह लाइन के हाइवे की जद में जिले के कुल गांव की संख्या 22
- जिले में कुल लंबाई 54 किमी
- जिले में कुल भूमि क्षेत्रफल : 21574.28 हेक्टेयर