शामली। गन्ना समिति में किसानों के नाम से फर्जी भुगतान करने की शिकायत पर जांच शुरू हो गई। संयुक्त गन्ना आयुक्त के निर्देश पर सहारनपुर से आई टीम ने गन्ना समिति कार्यालय में घंटों छानबीन कराई और पुराना रिकार्ड खंगाला गया।
शामली गन्ना समिति के डायरेक्टर सतेंद्र तरार सहित कई लोगों ने गन्ना आयुक्त को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि गन्ना समिति शामली में किसानों को दिए जा रहे गन्ना भुगतान में गड़बड़ी की गई है। आरोप लगाया था कि कुछ किसानों के नाम पर फर्जी खातों में गन्ना भुगतान भेज दिया गया। गड़बड़ी में गन्ना समिति कार्यालय के कर्मचारी और अधिकारियों की संलिप्तता का आरोप भी लगाया गया था। इसी शिकायत पर संयुक्त गन्ना आयुक्त ने जांच कमेटी का गठन किया।
देवबंद के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक आनंद प्रकाश दूबे को जांच कमेटी का अध्यक्ष बनाते हुए बेहट के सचिव एसपी सिंह को टीम में शामिल कर जांच करने का आदेश दिया। जांच का आदेश मिलने के बाद शनिवार को आनंद प्रकाश दूबे अपनी टीम के साथ शामली गन्ना समिति कार्यालय पहुंचे।
वहां उन्होंने वर्ष 2005-06 से 2013-14 तक किसानों को किए गए गन्ना भुगतान का रिकार्ड चेक कराया। आनंद प्रकाश दूबे ने बताया कि जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद संयुक्त गन्ना निदेशक को रिपोर्ट दी जाएगी। इस दौरान गन्ना विकास परिषद के ज्येष्ठ गन्ना निरीक्षक/सचिव रिपुदमन आदि थे