चौसाना। दिसंबर और जनवरी माह में लगातार बनी ठंड क्षेत्र के किसानों के लिए राहत लेकर आई है। यह ठंड गेहूं की फसल के लिए किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही है। वर्तमान समय में गेहूं की फसल टिलरिंग (फुटाव) अवस्था में है और ठंड के कारण खेतों में फसल का अच्छा फुटाव व हरियाली देखने को मिल रही है।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. संदीप चौधरी के अनुसार, यदि मौसम इसी प्रकार अनुकूल बना रहा और पाला नहीं पड़ा, तो इस बार गेहूं की पैदावार बेहतर रहने की पूरी संभावना है। किसानों का कहना है कि दिसंबर की ठंड से फसल की शुरुआती बढ़वार मजबूत हुई, जबकि जनवरी की ठंड ने फुटाव को और बेहतर बना दिया है।
किसान राहुल कुमार ने बताया कि इस बार गेहूं की फसल घनी और स्वस्थ नजर आ रही है। वहीं किसान सोनू राणा का कहना है कि ठंड के कारण कीटों का प्रकोप काफी हद तक कम हो गया है, जिससे फसल सुरक्षित बनी हुई है।
किसान अरविंद राठी ने बताया कि दिसंबर–जनवरी की ठंड गेहूं की फसल के लिए सबसे मुफीद मानी जाती है, बस पाले से बचाव जरूरी है। किसान अकरम अली ने उम्मीद जताई कि यदि मौसम इसी तरह अनुकूल रहा, तो इस वर्ष गेहूं का उत्पादन पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर हो सकता है।
कृषि विभाग के एडीओ (ऊन) संजय कुमार ने बताया कि दिसंबर और जनवरी की ठंड गेहूं की फसल के लिए लाभदायक होती है। ठंड से फसल में फुटाव अच्छा होता है और कीट व रोगों का प्रकोप भी कम रहता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि पाले की आशंका होने पर शाम के समय हल्की सिंचाई करें और खेतों में जलभराव की स्थिति से बचें।