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लिपिक को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजा

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शामली। रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़े गए जिला कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय के वरिष्ठ पटल सहायक (लिपिक) को कोतवाली पुलिस ने बुधवार को भ्रष्टाचार निवारण स्पेशल कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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भ्रष्टाचार निवारण संगठन मेरठ के इंस्पेक्टर गजेंद्र सिंह के नेतृत्व में सात सदस्यीय टीम ने मंगलवार को शामली में रेलपार शिव विहार स्थित जिला कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय में पहुंचकर लिपिक मुनीश कुमार को छह हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। इंस्पेक्टर ने बताया था कि आरोपी लिपिक पर कीटनाशक दवा की बिक्री का लाइसेंस बनाने के नाम पर छह हजार रुपये की रिश्वत लेने का आरोप है। इसकी शिकायत मुजफ्फरनगर के थाना छपार के गांव रामपुर निवासी सुरेंद्र रावल ने उनके कार्यालय में की थी। कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि बुधवार को पुलिस की टीम आरोपी लिपिक को भ्रष्टाचार निवारण स्पेशल कोर्ट मेरठ में पेश करने के लिए ले गई है। भ्रष्टाचार निवारण संगठन के इंस्पेक्टर ने बताया कि शहर कोतवाली पुलिस ने आरोपी लिपिक को मेरठ कोर्ट में पेश किया है, जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
भ्रष्टाचार केे खेल में फंस सकते हैं कई कर्मचारी
शामली। जिला कृषि रक्षा अधिकारी के कार्यालय में रिश्वत लेते पकड़े गए लिपिक मुनीश कुमार के मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण संगठन द्वारा की जाएगी। इस मामले की जांच विभाग के इंस्पेक्टर चंद्रभान शर्मा को सौंपी गई है। उधर, मुनीश के पकड़े जाने के बाद उनके कार्यालय व आसपास के लोगों के बीच इस मामले को लेकर चर्चा होती रही। माना जा रहा है कि भ्रष्टाचार के इस खेल की सहीं निष्पक्ष तरीके से जांच की जाए तो इसमें कई अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी लपेटे में आ सकते हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में आरोपी का बयान महत्वपूर्ण रहेगा। आरोपी के बयान के आधार पर इस मामले में जांच आगे बढ़ेगी। हालांकि पहले दिन हुई पूछताछ में आरोपी के अलावा अन्य किसी का नाम सामने नहीं आया है।
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